Home >> In The News >> नेशनल सिक्युरिटी में शामिल होगी साइबर सुरक्षा

नेशनल सिक्युरिटी में शामिल होगी साइबर सुरक्षा


“केंद्र सरकार साइबर सिक्युरिटी पैनल तैयार करने के लिए काम कर रही है। इसमें होम, लॉ, एक्सटर्नल अफेयर्स के साथ आईटी मिनिस्ट्री मिलकर काम करेंगे। मैं सरकार को यह प्रस्ताव दूंगा कि साइबर काडर तैयार किए जाएं और इनके टैलंट का इस्तेमाल नैशनल सिक्युरिटी में किया जाए।”
-अरविंद गुप्ता, हेड, नैशनल आईटी सेल, बीजेपी cyber sicurity
नई दिल्ली,(एजेंसी) 01 सितम्बर । केंद्र सरकार अब राष्ट्रीय सुरक्षा में साइबर सेफ्टी को भी शामिल करने जा रही है। इसके लिए साइबर सिक्युरिटी पैनल तैयार करने का काम चल रहा है। हैकर्स कॉन्फ्रेंस में बीजेपी के नैशनल आईटी सेल हेड अरविंद गुप्ता ने यह जानकारी दी है। यह पहली बार है जब साइबर सिक्युरिटी को नैशनल सिक्युरिटी से जोड़ा जाएगा। इसमें गृह, कानून, विदेश और और आईटी मंत्रालय मिलकर काम करेंगे। इसमें और मिनिस्ट्री शामिल भी हो सकती हैं। अरविंद गुप्ता के मुताबिक, जो एथिकल हैकर्स साइबर सिक्युरिटी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें सरकार के साथ लाने की कोशिश की जाएगी। इस कम्यूनिटी को मान्यता देने की जरूरत है। मैं सरकार को यह प्रस्ताव दूंगा कि साइबर कैडर तैयार किए जाएं और इनके टैलंट का इस्तेमाल नैशनल सिक्युरिटी में किया जाए।
साइबर नक्सलवाद का एक खतरा
पीएमओ के तहत काम करने वाले नैशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) के साइबर सिक्युरिटी ऑपरेशंस के डायरेक्टर आलोक विजयंत ने साइबर नक्सलवाद के खतरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर साइबर डोमेन सही तरह से मैनेज नहीं किया गया तो साइबर नक्सलवाद का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। एक तो मौजूदा नक्सलवादी साइबर स्पेस इस्तेमाल कर सकते हैं और दूसरा जो साइबर सिक्युरिटी में एक्सपर्ट हैं, हैकिंग जानते हैं। लेकिन उन्हें हम समय रहते सिस्टम में नहीं ला पाए तो वह साइबर नक्सली बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिना डिग्री को किसी को सरकार में लेने का कोई मैकेनिजम अभी नहीं है, लेकिन हमें ऐसा मैकेनिजम बनाना पड़ेगा जिससे हम स्किल्ड लोगों को (डिग्री हो या नहीं) सिस्टम में शामिल कर उनके स्किल का नैशनल सिक्योरिटी में इस्तेमाल कर सकें।
‘द हैकर्स कॉन्फ्रेंस’ के को-फाउंडर और साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट जितेन जैन ने कहा कि देश में जितने भी हैकर्स हैं, अगर उनके टैलंट का इस्तेमाल सरकार ने उन्हें सिस्टम के भीतर लाकर किया तो वह देश के लिए एसेट साबित होंगे। लेकिन अगर वही गलत रास्ते में चले गए तो उनका वही टैलंट सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा खड़ा कर सकता है।


Check Also

दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या 545787 पहुची अब तक 8720 लोगों की हो चुकी मौत : स्वास्थ्य विभाग

कोरोना का कहर दिल्ली में 5246 संक्रमित मरीज सामने आए। इनके अलावा 5361 मरीजों को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *