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बोल्ट ने दिखाया क्रिकेट में भी जलवा


Hussain Boalt

बोल्ट
19 गेंद में 45 रन
युवराज
14 गेंद में 24 रन

बेंगलुरु,(एजेंसी) 03 सितम्बर । पहली बार भारत आए जमैका के फर्राटा धावक उसैन बोल्ट ने दिखा दिया कि वह केवल ऐथलेटिक्स के ही नहीं बल्कि क्रिकेट के भी कुशल खिलाड़ी हैं। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में बोल्ट ने प्रदर्शनी क्रिकेट मैच में न केवल फास्ट बोलिंग से इंप्रेस किया बल्कि बैटिंग के दौरान तगड़े शॉट खेल दर्शकों की जमकर तालियां भी बटोरीं। बोल्ट की टीम में भारतीय स्पिनर थे हरभजन सिंह जबकि विपक्षी टीम में ऑलराउंडर युवराज।

बोल्ट ने टॉस जीतकर युवराज की टीम को पहले बैटिंग करने का मौका दिया। युवराज की टीम ने 4 ओवर में 58 रन बनाए जिसमें युवराज के 14 गेंद में 24 जबकि आदित्य तरे के 11 गेंद में 30 रन शामिल थे। बोल्ट ने 2 ओवर में 30 रन दिए जबकि हरभजन सिंह ने 1 ओवर में 14 रन दिए। जवाब में बोल्ट की टीम ने 4 ओवर में 62 रन बनाकर मैच जीता। बोल्ट ने केवल 19 गेंद में 5 छक्कों की बदौलत 45 रन की तूफानी पारी खेल अपनी टीम की जीत में अहम रोल अदा किया। युवराज के 2 ओवर में 32 रन बने जबकि तारे के एक ओवर में 23 रन बने। जीत हासिल करने के बाद बोल्ट ने जश्न भी मनाया। मैच के दौरान खिलाडि़यों के बीच खूब हंसी-मजाक भी हुआ। मैच के बाद बोल्ट के साथ क्रिकेटरों ने रेस भी लगाई मगर जीत बोल्ट को ही नसीब हुई।

मेरा रेकॉर्ड टूटेगा नहीं: बोल्ट

100 मीटर और 200 मीटर में एक साथ वल्र्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले पहले फर्राटा धावक ने अपनी हाजिरजवाबी का नमूना भी पेश किया। बोल्ट से जब 100 मीटर में 9.58 सेकंड के उनके रिकॉर्ड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह काफी हद तक पहुंच से बाहर है। तालियों की आवाज और कुछ हंसी के बीच दुनिया के सबसे तेज धावक बोल्ट ने कहा कि प्रतिद्वंद्वियों को उनकी बराबरी करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। बोल्ट से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उनके समकक्षों में कोई ऐसा नहीं है जो उनका रिकॉर्ड तोड़ सके तो उन्होंने कहा कि नहीं,कोई नहीं।
क्रिकेट बोल्ट का जुनून है लेकिन जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस खेल की जगह फर्राटा दौड़ को क्यों चुना तो उन्होंने कहा कि इसके लिए मेरे पिता को जिम्मेदार ठहराइए। मेरे पिता क्रिकेट के बड़े प्रशंसक हैं लेकिन जब मैं स्कूल में था तो मेरे पास क्रिकेट या ऐथलेटिक्स को चुनने का विकल्प था। मेरे पिता ने कहा कि जमैका के सिस्टम के कारण ऐथलेटिक्स से जुड़ना बेहतर रहेगा। ऐथलेटिक्स में तुम्हें सिर्फ तेज दौड़ना होगा जबकि नेशनल क्रिकेट टीम में जगह बनाना मुश्किल होगा।


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