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मोदी के स्वागत के लिए अमेरिका बेकरार


वॉशिंगटन ,(एजेंसी) 09 सितम्बर । ओबामा प्रशासन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान होता नजर आ रहा है। अमेरिकी सरकार इस महीने के अंत में उस इंसान के लिए रेड कारपेट बिछाने की तैयारी में लगी है, जिसको वह लगभग एक दशक तक वीजा देने से इनकार करती रही थी। दो दिन तक चलने वाली इस मेहमानवाजी में भारतीय पीएम और अमेरिकी प्रेजिडेंट के बीच एक प्राइवेट डिनर भी शामिल है। इस मुलाकात के बारे में सबसे अहम बात यह है कि इस दौरान मोदी यूएस के स्टेट गेस्ट नहीं होंगे। और, ऐसा शायद पहली बार हो रहा है जब कोई विदेशी नेता बिना स्टेट गेस्ट बने दो दिन तक वाइट हाउस की मेहमानवाजी का लुत्फ उठाए।

Modi

मोदी अपनी यात्रा के दौरान ब्लेयर हाउस में ठहरेंगे, जो कि वाइट हाउस के पास ही है। ब्लेयर हाउस में आमतौर पर स्टेट गेस्ट्स ही ठहरते हैं, जो कि अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर होते हैं। ब्लेयर हाउस में विदेशी नेताओं का ठहरना अमेरिका से प्रगाढ़ रिश्तों का सिग्नल माना जाता है।

वाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने सोमवार को एक औपचारिक घोषणा में कहा, ‘प्रेजिडेंट बराक ओबामा 29-30 सितंबर को वाइट हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।‘ अर्नेस्ट ने कहा कि ओबामा दोनों देशों के नागरिकों और दुनिया के फायदे के लिए भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के वादे को पूरा करने के मकसद से मोदी के साथ काम करने को उत्सुक हैं। हालांकि इस संदेश में डिनर का जिक्र कहीं नहीं था, लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि 29 सितंबर की शाम को ओबामा नरेंद्र मोदी के लिए डिनर का आयोजन करेंगे।

अर्नेस्ट ने कहा, ‘दोनों नेता अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने और इसे प्रगाढ़ बनाने के क्रम में परस्पर हितों के व्यापक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।‘ उन्होंने कहा, ‘वे आर्थिक विकास को गति देने, सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने तथा दोनों देशों और दुनिया के लंबे समय तक फायदा देने से जुड़ी गतिविधियों में सहयोग के उपायों पर चर्चा करेंगे।‘
वाइट हाउस के इस अधिकारी ने कहा, ‘वे अफगानिस्तान, सीरिया एवं इराक के मौजूदा घटनाक्रम सहित क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जहां भारत और अमेरिका पॉजिटिव नतीजे की दिशा में साझेदारों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।‘ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता कैटलीन हैडन ने कहा, ‘इस महीने के आखिर में हो रही प्रधानमंत्री की यात्रा के संबंध में हम और ब्यौरा मुहैया कराएंगे, लेकिन सच यही है कि 2 दिन होने वाली यह बातचीत, अमेरिका-भारत संबंधों को हमारे द्वारा दिए जा रहे महत्व की तरफ इशारा कर रही है।‘

इस साल मई में संपन्न आम चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद मोदी प्रधानमंत्री बने जिसके बाद से यह उनका पहली अमेरिका यात्रा होगी। वर्ष 2005 में अमेरिकी वीजा विभाग ने 2002 के गुजरात दंगों के आलोक में मोदी का वीजा रद्द कर दिया था। अमेरिका ने मोदी का वीजा रद्द करने की यह कार्रवाई गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों के सिलसिले में की थी। इसके बाद मोदी ने कभी अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन नहीं किया। मई में हुए आम चुनाव में उनको और उनकी पार्टी को मिली जबरदस्त जीत के बाद ओबामा ने खुद मोदी को फोन किया था और सितंबर में मुलाकात के लिए उन्हें न्योता दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उप विदेश मंत्री विलियम बर्न्स के माध्यम से एक पत्र भी भेजा था।


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