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मैनपुरी का गढ़ बचाने के लिए ‘यादव परिवार’ ने झोंकी ताकत


मैनपुरी ,(एजेंसी) 11 सितम्बर । समाजवादी पार्टी 13 सितंबर को होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर अपने गढ़ मैनपुरी को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंके हुई है। यहां एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की तीसरी पीढ़ी तेज प्रताप सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया है। तेज मुलायम के सबसे बड़े भाई के पोते हैं। मुलायम सिंह यादव चार महीने पहले भले ही जबरदस्त अंतर से मैनपुरी लोकसभा सीट जीत गए हों लेकिन इसी सीट पर हो रहे उपचुनाव में वह कोई कोर कसर बाकी नहीं रखना चाहते हैं।

Tej Pratap Yadav

मुलायम अच्छी तरह जानते हैं कि 13 सितंबर को होने वाले उपचुनाव के नतीजे का पार्टी की छवि पर खासा असर पड़ने वाला है। मुलायम और उनके परिवार के सदस्य व प्रदेश सरकार के मंत्री कई दिन से यहां डेरा डाले हुए हैं। हालांकि प्रदेश में 11 विधानसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव हो रहे हैं। मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव, राम गोपाल यादव, भतीजे धमेंद्र यादव और अक्षय यादव पूरी सक्रियता से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वे मतदाताओं के घर-घर जाकर भी संपर्क कर उनसे वोट मांग रहे हैं।
मुलायम के बेटे प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी यहां चुनावी रैलियां कीं और मतदाताओं को याद दिलाया कि एसपी का उनसे कितना पुराना नाता रहा है और किस तरह यहां के मतदाताओं ने मुलायम को यहां से जिताकर देश का रक्षा मंत्री बनाने में मदद की थी।
प्रदेश के लोक निर्माण व सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव चुनावी बिगुल बजने के साथ ही यहां जमे हुए हैं। वे उन समर्थकों को फिर से एकजुट करने की कोशिश करते नजर आए, जिन्होंने किन्हीं कारणों से पार्टी में असंतोष व्यक्त किया था। मुलायम जोर देकर कह रहे हैं कि भले ही उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी हो और आजमगढ सीट को अपने पास रखने का फैसला किया हो लेकिन यह सीट उनके परिवार में ही रहेगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे परिवार के सबसे युवा सदस्य को चुनावी शुरुआत करने में मदद करें और उसे भारी मतों से जितायें।
लोकसभा चुनावों में बीजेपी और उसकी सहयोगी ‘अपना दल‘ ने मिलकर उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 पर कब्जा किया था। एसपी ने पांच सीटें जीती थीं, जिनमें मुलायम की दो सीटें आजमगढ और मैनपुरी भी शामिल थीं। कांग्रेस के हिस्से दो सीटें लगीं, वो भी परिवार के खाते में गईं। अमेठी सीट राहुल गांधी तो रायबरेली सीट सोनिया गांधी ने जीती। मायावती के नेतृत्व वाली बीएसपी के खाते में एक भी सीट नहीं आई।
मुलायम मैनपुरी सीट से लोकसभा चुनाव में 3 . 50 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीते थे। इस सीट पर हो रहे उपचुनाव में जीत को मुलायम ने अपनी प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है। इस सीट से बीएसपी और कांग्रेस ने जहां अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, वहीं हाल के लोकसभा चुनावों में मिली ऐतिहासिक जीत से उत्साहित बीजेपी ने पिछड़ी जाति के प्रेम कुमार शाक्य को उम्मीदवार बनाया है।


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