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युकी की हार से टूटा भारत का सपना


‘‘मैने जो कुछ भी किया , वह कारगर साबित नहीं हुआ। मैने गलतियां दोहराईं। मैंने अपने दस साल के करियर में इतनी गलतियां नहीं की थी जितनी इस सप्ताह की। लगातार दो मैच हारने के बावजूद मुझ पर टीम में अपनी जगह बचाने का कोई दबाव नहीं है।‘‘
– युकी भांबरी

Yuki Bhabmari

बेंगलुरु , (एजेंसी ) 16 सितम्बर । डेविस कप के वल्र्ड ग्रुप में प्रवेश करने के लिए भारत को अभी और इंतजार जारी रहेगा क्योंकि उसे वर्षाबाधित प्ले ऑफ मुकाबले में सर्बिया ने 3-2 से हराकर वर्ल्ड ग्रुप में प्रवेश कर लिया।
भारत को विष्व ग्रुप में पहुंचाने का दारोमदार दुनिया के 153वें नंबर के खिलाड़ी युकी भांबरी पर था लेकिन वह सर्बिया के फिलीप क्राजिनोविच के खिलाफ दूसरे और निर्णायक रिवर्स सिंगल्स मैच में 3-6, 4-6, 4-6 से हार गए।
इस जीत से सर्बिया वल्र्ड ग्रुप में प्रवेश करने में कामयाब रहा। उसे इस साल वर्ल्ड ग्रुप के पहले राउंड में स्विट्जरलैंड ने 3-2 से हराया था जिसके कारण उसे वर्ल्ड ग्रुप में बने रहने के लिए भारत के खिलाफ प्ले ऑफ मुकाबला खेलना पड़ा।
हार के कारण :-
हार के कारण भारत को अगले साल एशिया ओशियाना जोन के ग्रुप 1 में खेलना होगा। ग्रुप 1 में उसे और उज्बेकिस्तान को वरीय टीम का दर्जा दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्ड ग्रुप प्ले ऑफ मुकाबले में 0-5 से हारने के कारण उज्बेकिस्तान की भी ग्रुप 1 में वापसी हुई है। वरीयता क्रम टीम होने के कारण भारत और उज्बेकिस्तान को अगले साल ग्रुप 1 में सीधे सेकंड राउंड में प्रवेश मिलेगा।
ग्रुप 1 में भारत और उज्बेकिस्तान के अलावा चीन, साउथ कोरिया, थाईलैंड भी है जबकि एक अन्य टीम का फैसला न्यूजीलैंड और ताइवान के बीच 24 अक्टूबर तक होने वाले दूसरे राउंड के प्ले ऑफ मुकाबले के जरिए होगा। यह मुकाबला जीतने वाली टीम ग्रुप 1 में बनी रहेगी जबकि हारने वाली टीम ग्रुप 2 में रेलिगेट हो जाएगी। थाईलैंड ने ग्रुप 2 के थर्ड राउंड के मुकाबले में पाकिस्तान को 4-1 से हराकर ग्रुप 1 में खेलने का हक पाया है।
टूटा भारत का सपना:-
बारिश के कारण संडे को युकी और क्राजिनोविच के बीच दूसरा रिवर्स सिंगल्स मैच पूरा नहीं हो सका था। मैच जब रोका गया तब क्राजिनोविच 6-3 से पहला सेट जीत चुके थे जबकि दूसरे सेट में दोनों खिलाडि़यों ने 4-4 गेम जीत लिए थे। युकी बिल्कुल भी फॉर्म में नजर नहीं आए और कई सहज गलतियां की।
सोमवार को मैच दोबारा शुरू होते ही युकी ने अपनी सर्विस गंवाई और जब सर्विस तोड़ने का मौका था तो वह चूक गए। दूसरी ओर क्राजिनोविच ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। युकी दबाव में दिखे। उन्होंने तीसरे सेट के पहले ही गेम में सर्विस गंवाई। क्राजिनोविच को यह सेट भी जीतने में कोई दिक्कत नहीं हुई। डेविस कप के 114 साल के इतिहास में सिर्फ 51 बार 0-2 से पिछड़ने के बाद किसी देश ने मुकाबला जीता है।
भारत सिर्फ एक बार ऐसा कर सका है जब 2010 में उसने चेन्नै में ब्राजील को हराया था। उस समय सोमदेव और रोहन बोपन्ना ने रिवर्स सिंगल्स मैच जीते थे। शुक्रवार को दोनों सिंगल्स मुकाबले हारने के बाद लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना ने डबल्स मुकाबला जीतकर भारत को मुकाबले में लौटाया था। सोमदेव ने इसके बाद लाजोविच को हराकर मुकाबला 2-2 से बराबरी कर दिया।
‘‘युकी के खिलाफ मुकाबला कड़ा था विशेषकर रात को बारिश के व्यवधान से खेल रुकने के कारण। मैं रात को अच्छी तरह नहीं सो पाया क्योंकि मैं काफी दबाव में था। यह अच्छा अनुभव था क्योंकि मैं इससे पहले डेविस कप में कोई बड़ा मुकाबला नहीं खेला था।‘‘ -फिलीप क्राजि नोविच


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