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संसद में और मजबूत होगा मुलायम का परिवार


लखनऊ,(एजेंसी)17 सितम्बर । संसद में यह पहला मौका होगा, जब एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के परिवार की 3 पीढि़यां संसद की देहरी पर एक साथ होंगी। मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के पौत्र तेज प्रताप सिंह की जीत के बाद अब मुलायम के साथ उनके 2 भतीजे धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, बहू डिंपल यादव और पौत्र संसद में दिखाई पड़ेंगे।

Tej pratap Yadav

मुलायम के बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह यादव के बेटे तेज प्रताप सिंह इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट साइंस में एमएससी करके आए थे। उस वक्त उनकी पॉलिटिक्स में बहुत दिलचस्पी नहीं थी। बाद में मुलायम ने रणवीर सिंह यादव की मृत्यु के बाद खाली हुई सैफई ब्लॉक प्रमुख पर तेज प्रताप को लड़ने को कहा। 2010 में तेज प्रताप सिंह सैफई से ब्लॉक प्रमुख बने। इसके बाद से वह राजनीति में सक्रिय हैं। सैफई ब्लॉक मैनपुरी लोकसभा में ही आता है।

मुलायम के 2009 में ही मैनपुरी सीट जीतने के बाद तेज प्रताप को उनका प्रतिनिधि बना दिया गया था। टेनिस के शौकीन तेजप्रताप के बारे में कहा जाता है कि सैफई ब्लॉक के साथ वह मुलायम के प्रतिनिधि के तौर पर मैनपुरी के लोगों के दुख-दर्द का ख्याल रखते रहे हैं।
इसी वजह से मैनपुरी में एसपी की जिला इकाई मुलायम के सीट खाली करने के बाद से ही तेज प्रताप को यहां से चुनाव लड़ाने की वकालत करती रही। बाद में पार्टी ने यह बात मानी और तेज प्रताप 3 लाख से ज्यादा मतों से जीते। मुलायम के भतीजे धर्मेंद्र यादव इस बार लोकसभा में बदायूं सीट से, एसपी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद प्रोफेसर राम गोपाल के बेटे अक्षय यादव फिरोजाबाद सीट से और बहू डिंपल यादव कन्नौज सीट से संसद पहुंचने में कामयाब रहे थे।

परिवार के लिए लांचिंग पैड रहा है उपचुनाव:-

मुलायम के परिवार को राजनीति में उतारने के लिए उपचुनाव श्लांचिंग पैडश् का काम करते रहे हैं। चाहे मुलायम के भतीजे धर्मेन्द्र यादव को चुनाव में उतारना हो या बहू डिंपल यादव या पौत्र तेज प्रताप को, सभी को उपचुनाव के जरिए ही पालिटिक्स में इंट्री दिलाई गई।

खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लाचिंग कन्नौज में 1999 के उपचुनाव से हुई। मुलायम की बहू डिंपल यादव ने भी 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज उपचुनाव जीता। यह सीट डिंपल के लिए लांचिंग पैड की तरह इस्तेमाल हुई। इससे पहले वह फिरोजाबाद सीट से चुनाव हार गई थीं। मुलायम के सीट छोड़ने के बाद अखिलेश इसी सीट से चुनाव जीते।

1999 के लोकसभा चुनाव में मुलायम संभल और कन्नौज से निर्वाचित हुए थे, इसके बाद 2004 के लोकसभा उपचुनाव में मुलायम सिंह के छोटे भाई अभयराम सिंह यादव के पुत्र 32 वर्षीय धर्मेंद्र यादव ने मैनपुरी से उपचुनाव जीता।
मैनपुरी की सीट मुलायम सिंह ने खाली की थी। उस समय मुलायम सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे और पद पर रहते हुए उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से जीत हासिल की और बाद में सीट खाली कर दी। मैनपुरी से लोकसभा उपचुनाव जीतने वाले धर्मेंद्र यादव सिर्फ 25 वर्ष की आयु में सांसद बन गए।

धर्मेंद्र भी इससे पहले 2003 में सैफई ब्लॉक प्रमुख के पद पर निर्वाचित हुए थे। उन्हें मुलायम ने रणवीर सिंह की मृत्यु के बाद यह सीट खाली होने पर ब्लाक प्रमुख बनाया था। 2004 में धर्मेंद्र के सांसद बनने के बाद मुलायम के राजनीतिक सहयोगी नत्थू सिंह यादव के पुत्र 32 वर्षीय अरविंद यादव सैफई ब्लॉक प्रमुख बने। इसके बाद वर्ष 2010 में रणवीर सिंह के पुत्र तेज प्रताप ब्लॉक प्रमुख बनकर पॉलिटिक्स में दाखिल हुए।


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