Home >> Breaking News >> बसपा सरकार के मंत्रियों पर विजिलेंस कसेगी शिकंजा

बसपा सरकार के मंत्रियों पर विजिलेंस कसेगी शिकंजा


लखनऊ (एजेंसी) 20 सितम्बर । भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में फंसे माया सरकार के मंत्रियों और कई अफसरों पर विजिलेंस का शिकंजा और मजबूत हो सकता है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने शुक्रवार को बैठक बुलाकर सभी लंबित मामले खास तौर से जिनमें लोकायुक्त की सिफारिश पर कार्यवाही हुई है उनकी जांच तेज करने को कहा है। उन्होंने इन मामलों में दिसंबर तक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Ram anchal Rasjbhar

दरअसल बसपा सरकार के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त की रिपोर्ट होने के बावजूद कोई कड़ी कार्रवाई न होने के कारण सपा सरकार बीजेपी समेत दूसरे दलों के निशाने पर है। सतर्कता अधिष्ठान की ढीली कार्रवाई पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।
जांचों में कोई कड़ी कार्रवाई न होने के कारण हो रही सरकार की किरकिरी को देखते हुए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने शुक्रवार को विजिलेंस के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बसपा सरकार के कद्दावर मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामवीर उपाध्याय, रामअचल राजभर, रंगनाथ मिश्रा, अयोध्या पाल सिंह, अवध पाल सिंह, चंद्रदेव राम और बादशाह सिंह के खिलाफ चल रही जांचों की स्थिति पूछी।

उन्होंने इन पूर्व मंत्रियों समेत अफसरों के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा की गई जांचों में हुई कार्रवाई का भी ब्योरा पूछा। उन्होंने विजिलेंस के आला अफसरों को निर्देश दिए हैं कि सभी सेक्टर जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी कर दिसंबर तक उनमें कार्रवाई करें। लोकायुक्त से जुड़े मामलों को विशेष प्राथमिकता से किया जाए।

नाराज अफसरों पर गिरेगी सरकार की गाज:-

सूत्रों के मुताबिक जिन अफसरों से सरकार की नाराजगी है उन पर भी सतर्कता अधिष्ठान को शिकंजा कसने का इशारा कर दिया गया है। इनमें से एक अफसर को हाल ही में प्राइम पोस्टिंग से हटाकर उनके ओहदे से कमतर पोस्ट पर भेजा गया है। इस अफसर के अलावा कुछ और भी अफसर हैं जिनसे सरकार किसी न किसी वजह से नाराज है।

बसपा प्रदेष अध्यक्ष राजभर के खिलाफ ईडी दर्ज करेगी मामला

प्रवर्तन निदेशालय बसपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व परिवहन मंत्री रामअचल राजभर के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में है। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने बसपा के पूर्व मंत्रियों के बारे में विजिलेंस के निदेशक से जानकारी जुटाई और कई अहम दस्तावेज लिए हैं। संभावना जताई जा रही है कि प्रवर्तन निदेशालय रामअचल राजभर समेत कई अन्य पूर्व मंत्रियों पर कार्रवाई कर सकता है।

बसपा के पूर्व विधायक आरपी जायसवाल की 4.18 करोड़ की संपत्ति सीज करने के बाद ईडी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को ईडी के अफसरों ने विजिलेंस के निदेशक भानुप्रताप सिंह से मुलाकात की।

रामअचल राजभर समेत अन्य पूर्व मंत्रियों के खिलाफ चल रही जांचों के बारे में जानकारी मांगी। साथ ही पूर्व मंत्रियों के खिलाफ हुई एफआईआर व लोकायुक्त द्वारा की गई जांचों की रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज भी लिये। हालांकि जब ईडी व विजिलेंस के अफसरों से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। हाल ही में ईडी ने लोकायुक्त और सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की गई जांचों के आधार पर बाबू सिंह कुशवाहा, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आरपी जायसवाल, रंगनाथ मिश्रा व अन्य बसपा नेताओं के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट व आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की है।

राजभर पर आरोप:-

आनंद कुमार दिवेदी नाम के शख्स ने लोकायुक्त के यहां राजभर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने तथा बड़े पैमाने पर धन की हेराफेरी करने का आरोप लगाया था। इस पर लोकायुक्त ने जांच कर राजभर के खिलाफ लगे आरोपों को सही करार देते हुए सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में उनके खिलाफ सीबीआई या सतर्कता विभाग से जांच कराये जाने की सिफारिश की थी।


Check Also

पुलिस ने लखनऊ में नौ करोड़ ठगने वाला रुखसार को किया गिरफ्तार, 40 प्रतिशत मुनाफा का ऑफर दे ट्रेंडिंग कंपनी में कराता था निवेश

लखनऊ में ठगी के नित नए मामले प्रकाश में आ रहे हैं। किसी ने मकान …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *