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‘भारत को भारत ही रहने दो,चीन नहीं‘


नई दिल्ली, (एजेंसी) 22 सितम्बर ।‘भारत और अमेरिका के रिश्तों को केवल दिल्ली और वॉशिंगटन तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। दुनिया में उपदेश देने वालों की कमी नहीं है, लेकिन जो लोग रूस को उपदेश दे रहे हैं उन्होंने खुद भी कई पाप किए हैं। हमें परिवारों में ऐसा माहौल पैदा करना होगा कि हम महिलाओं का सम्मान करना सीखें।‘

Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह युग एशिया का है। भारत कभी चीन के बराबर था। आज भारत और चीन फिलहाल एक रफ्तार से विकास की राह पर हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को भारत ही रहना है, चीन नहीं बनना।
मोदी का कहना था, ‘एक वक्त था, जब भारत को सोने की चिडि़या कहा जाता था। हम पहले जहां थे, वहां से फिसले हैं, लेकिन फिर से हमें ऊपर जाने का मौका मिला है और हम ऊपर जाएंगे। भारत एक बार फिर सोने की चिडि़या बनेगा।‘ एक निजी चैनल के साथ इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि भविष्य में भारत के चीन के साथ ही नहीं, अमेरिका से भी संबंध मजबूत बनेंगे।

‘साझेदारी से विकास सम्भव‘

मोदी ने कहा कि 5वीं और 10वीं शताब्दी में भी भारत और चीन की विकास दर एक जैसी थी। ग्लोबल जीडीपी में दोनों देशों का योगदान समान रूप में बढ़ रहा था और समान रूप में गिर रहा था। अब भी दोनों तेजी से एक साथ विकास कर रहे हैं। दोनों को ही एक-दूसरे के मदद की जरूरत है। हम आपसी सहयोग और साझेदारी के जरिए ही विकास कर सकते हैं।

‘लोकतंत्र ही विरासत है‘

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र हमारी विरासत है। अपनी विरासत को छोड़कर नहीं बढ़ सकते। लोकतंत्र में विकास नहीं हो सकता, यह सोचना गलत है। अगर चीन एक उदाहरण है, तो दूसरे लोकतांत्रिक देश भी उदाहरण हैं। लोकतांत्रिक देश भी तरक्की कर रहे हैं। भारत एक अलग देश है। हम हर छोटी-बड़ी बातों को लेकर चिंता नहीं कर सकते, इसी तरह हम चीजों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

‘आराम हराम है‘

मोदी ने कहा, ‘मैं ऐसा इंसान नहीं हूं कि आराम करूं। मैं अपने काम में आनंद ढूंढ़ता हूं। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे आध्यात्म और योग को अपनाने का मौका मिला। मोदी ने कहा कि मुझे भारतीय लोगों और उनकी प्रतिभा पर काफी भरोसा है। मुझे 1.25 अरब आबादी पर गहरी आस्था है। उनमें जबर्दस्त क्षमता है और इस क्षमता के दोहन के लिए रोडमैप तैयार के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं।‘

देश में बढ़ते रेप के मामलों पर मोदी ने कहा कि महिलाओं की इज्जत हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें परिवारों में ऐसा माहौल पैदा करना होगा कि हम महिलाओं का सम्मान करना सीखें। इसे महज कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है। हमारी सरकार ने बेटियों को पढ़ाओ, बेटियों को बचाओ मुहिम चलाई है।

भारत-अमेरिका संबंध

मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच समानताएं हैं। मेरा विश्वास है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते निर्णायक हो सकते हैं। अमेरिका ने दुनिया भर के लोगों को अपने यहां जगह दी। भारतीय और अमेरिकी अपने मिजाज में एक दूसरे से जुड़े रहे हैं। भारत और अमेरिका इतिहास और संस्कृति के नाते एक दूसरे से जुड़े हैं। ये रिश्ते और गहरे होंगे। भारत और अमेरिका के रिश्तों को केवल दिल्ली और वॉशिंगटन तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उसका दायरा बड़ा है।

मोदी ने कहा, ‘हमारे यहां कहा जाता है कि पापी को पहला पत्थर वह मारे, जिसने कोई पाप न किया हो। दुनिया में उपदेश देने वालों की कमी नहीं है, लेकिन जो लोग रूस को उपदेश दे रहे हैं उन्होंने खुद भी कई पाप किए हैं।‘


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