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बिजली संकट पर मुख्यमंत्री ने की आपात बैठक


लखनऊ,(एजेंसी) 25 सितम्बर । उत्तर प्रदेश में जारी बिजली संकट के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। इस दौरान बिजली समस्या को लेकर तत्काल और दूरगामी, दो कार्ययोजनाएं बनाई गईं। बैठक में वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव और पेंशन मंत्री राजेंद्र चैधरी, मुख्य सचिव आलजक रंजन समेत प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) राकेश बहादुर भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री ने इस दौरान ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल, बिजली निगम के प्रबंध निदेशक ए. पी. मिश्रा समेत अन्य अधिकारियों के साथ बिजली समस्या पर गहन मंथन किया। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने पत्रकारों को बताया कि 2016-17 तक सूबे के सभी जिला मुख्यालयों पर न्यूनतम 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 16 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है।

उन्होंने बताया कि इस समय प्रतिदिन बिजली का उत्पादन 10500 मेगावॉट हो रहा है जबकि 2016-17 तक अधिकतम मांग 23000 मेगावॉट तक की होगी। आलजक रंजन ने कहा कि केंद्र के साथ ही राज्य के बिजली घरों का उत्पादन घटने से बिजली की समस्या पैदा हो गई है। लेकिन इसे एक दो दिन में ठीक कर लिया जाएगा।

प्रमुख सचिव (ऊर्जा) का कहना है कि इस साल अगस्त और सितंबर महीने में बिजली की मांग पहले की अपेक्षा अधिक हो गई जिससे समस्या और गंभीर हो गई। मुख्य सचिव ने बताया कि सोमवार से कोयले की आपूर्ति में सुधार हुआ है।
ऐसे में बिजली की समस्या जल्द ही हल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कोटे से यूपी को 6000 मेगावॉट बिजली का आवंटन है, लेकिन वह भी मात्र 50 प्रतिशत ही मिल पा रहा है, जिससे समस्या थोड़ी जटिल हो गई है। मुख्य सचिव ने बताया कि 2017 तक प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की कई बिजली इकाइयां उत्पादन शुरू कर देंगी। ऐसे में तत्कालीन मांग की पूर्ति करना कठिन नहीं होगा। गौरतलब है कि इस समय कई बिजलीघरों में उत्पादन बंद होने से प्रदेश में बिजली की भयंकर समस्या चल रही है।

कोयले की कमी से केंद्र के सिंगरौली, रिहंद, टांडा, झज्जर आदि बिजलीघरों से राज्य को 500 मेगावॉट बिजली नहीं मिल रही है। राज्य के बिजलीघरों का उत्पादन भी मंगलवार को घटकर दो हजार मेगावॉट से नीचे तक पहुंच गया।

500 मेगावॉट की अनपरा की एक यूनिट के पहले से बंद होने के साथ ही पारीछा की 210 मेगावॉट, ओबरा की 200 व 50 मेगावॉट की दो यूनिटें, हरदुआगंज की 250 मेगावॉट की एक यूनिट से भी बिजली का उत्पादन ठप है। ऐसे में सूबे को बिजली की कमी झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों का मानना है कि कोयले की आपूर्ति में सोमवार से इजाफा हुआ है। इससे उन्हें एक-दो दिन में स्थिति ठीक होने की संभावना दिख रही है।


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