Home >> Breaking News >> बांग्लादेश में तख्तापलट की आशंका

बांग्लादेश में तख्तापलट की आशंका


नई दिल्ली, (एजेंसी) 25 सितम्बर । भारत कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी की बांग्लादेश में तख्तापलट की कोशिशों से चिंतित है। अपने अमेरिकी दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पड़ोसी देश के आतंकवादी संगठनों की हरकतों के बारे में ओबामा प्रशासन को जानकारी देने के साथ बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग को सपोर्ट करने की जरूरत पर भी बात कर सकते हैं।

Shekh Haseena

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को ढाका से रिपोर्ट मिली है कि आईएसआई के साथ करीबी रिश्ते रखने वाला संगठन जमात-ए-इस्लामी शेख हसीना को बांग्लादेश की सत्ता से हटाने की साजिश रच सकता है। सूत्रों ने बताया कि जमात-ए-इस्लामी यह काम बांग्लादेशी सेना में मौजूद सांप्रदायिक ताकतों के साथ मिलकर कर सकता है।

हसीना इस क्षेत्र में भारत की सबसे करीबी सहयोगी हैं और उनकी पार्टी अवामी लीग 2009 से ही जमात-ए-इस्लामी पर शिकंजा कसती रही है। इससे जमात-ए-इस्लामी इस सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है। पिछले साल न्यायपालिका ने जमात-ए-इस्लामी के चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी थी। संगठन पर यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उसने अपने संविधान से धर्म की बात बाहर निकालने से इनकार कर दिया था।

सूत्रों ने बताया कि मोदी जब अगले हफ्ते ओबामा के साथ भारत और इसके आसपास के क्षेत्र के हालात पर चर्चा करेंगे, तो वह हसीना से जुड़े खतरों और बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्षता जैसे मसलों पर भी चर्चा कर सकते हैं। साथ ही, भारत और बांग्लादेश दोनों पर अल कायदा के खतरे और साउथ एशिया में सीमा पार आतंकवाद जैसे मसले भी मोदी के एजेंडे में होंगे।
इससे पहले मोदी 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली के मौके पर पहली बार बांग्लादेश की राष्ट्रपति शेख हसीना से मिलेंगे। माना जा रहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री इस बैठक में पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश से जुड़े खतरों का भी जिक्र करेंगे। मोदी ने पिछले हफ्ते बांग्लादेश के विदेश मंत्री महमूद अली से मुलाकात में कहा था कि शेख मुजीब ने बांग्लादेश बनाया और शेख हसीना ने इस देश को बचाया।

2009 में सत्ता में लौटने के बाद हसीना ने न सिर्फ उत्तर-पूर्व के विद्रोहियों को भारत को हवाले किया, बल्कि लश्कर-ए-तयैबा समेत तमाम उन आतंकवादी संगठनों पर सख्त कार्रवाई की, जिसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई संरक्षण देती है। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद से भारत ने दो बार चुपचाप जमात-ए-इस्लामी और आर्मी में कट्टरपंथी तत्वों की हसीना को सत्ता से हटाने की कोशिशों को विफल करने में मदद की है।

बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसानुक हक ने ढाका बताया, ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नेता खालिदा जिया शेख हसीना सरकार को अस्थिर करने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं। वह देश में असामान्य माहौल पैदा करना चाहती हैं, ताकि हसीना को हटाया जा सके। इसके तहत तमाम हथंकडे अपनाए जा रहे हैं, लेकिन यह कोशिश सफल नहीं होगी।‘


Check Also

इंटरनेट सभी सीमाओं को पार कर चुका है, लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए इसमें बदलाव बेहद जरुरी है : रविशंकर प्रसाद

भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी की गईं सोशल मीडिया गाइडलाइन्स लगातार चर्चा का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *