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सुब्रमण्यम स्वामी ने तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन की मांग की


चेन्नई ,(एजेंसी) 02 अक्टूबर । बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू करने की अपील की। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता इस समय आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में जेल में बंद हैं।

Subrmaniyam Swami

फिलहाल उनका काम इस समय पन्नीरसेल्वम संभाल रहे हैं। स्वामी ने एक स्टेटमेंट जारी कर, जया के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों को घिनौनी और शर्मनाक हरकतें बताया। उन्होंने मोदी सरकार से अपील किया कि तमिलनाडु में एक साल के लिए राष्ट्रपति शाषन लागू किया जाए और वहां दोबारा चुनाव कराया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंसा फैलाने वालों और देश विरोधी लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

‘अम्मा‘ की रिहाई के लिए तेज हुए प्रदर्शन

तमिलनाडु में जयललिता की रिहाई के लिए प्रदर्शन और मांग जोर पकड़ती जा रही है। जया के समर्थक और उनकी पार्टी अन्नाद्रमुक अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रही है। उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ और जल्द रिहाई के लिए पूरे राज्य में गुरुवार को प्रदर्शन तेज कर दिए गए।

प्रदर्शन करने वालों में अन्नाद्रमुक से जुड़े ट्रेड यूनियन भी शामिल हैं। अनशन और प्रोटेस्ट समूचे तमिलनाडु में लगातार छठे दिन जारी रहा। इसके अलावा तमिलनाडु के मंदिरों और दूसरे पूजास्थलों पर जयललिता के लिए खास पूजा रखी गई। जया के समर्थकों ने उनकी रिहाई के लिए प्रार्थना की। पुलिस ने बताया कि राज्य में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
तमिलनाडु के ज्यादातर अर्बन और सेमी-अर्बन इलाकों में अन्नाद्रमुक के सांसदों, राज्य के मंत्रियों और विधायकों ने ढेरों पोस्टर लगाए हैं। इन बैनरों में लिखा है- ‘‘न्याय की दूत को सजा। आखिरकार धर्म की जीत होगी।‘‘ प्रदर्शनों के दौरान जया के समर्थकों ने कहा कि जयललिता ने कावेरी मसले पर तमिलनाडु इंसाफ दिलाया, और अब कर्नाटक में जेल में बंद हैं।

जयललिता की समर्थक थनी तमिल सेना ने एक बड़े पोस्टर में इस मसले पर द्रमुक चीफ करुणानिधि की ‘चुप्पी‘ की ओर इशारा किया है। पोस्टर में इस बात को जानने की मांग की गई है कि क्या इस मुद्दे पर ‘‘तमिल विरोधी‘‘ ताकतों के बीच कोई साठगांठ है. हालांकि सीपीएम, पीएमके और डीएमडीके ने एक प्रेस रिलीज में जया कि रिहाई के लिए हो रहे प्रदर्शनों की निंदा की। 27 सितंबर को बेंगलूरु की एक स्पेशल कोर्ट ने जयललिता को 66.65 करोड़ रुपये की इनकम से ज्यादा संपत्ति के मामले में चार साल के जेल की सजा सुनाई थी और 100 करोड़ रपये का जुर्माना लगाया था।


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