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भागवत द्वारा उठाए गए विषय प्रसांगिक हैं: मोदी


नई दिल्ली,(एजेंसी) 03 अक्टूबर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सामाजिक सुधार से जुड़े जो मुद्दे उन्होंने उठाए हैं, वे आज अत्यंत प्रासंगिक हैं। पीएम ने ट्वीट किया, ‘मोहन भागवतजी ने अपने भाषण में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर बात की। उनकी ओर से उठाए गए सामाजिक सुधार के मुद्दे आज अत्यंत प्रासंगिक हैं।‘

Modi With Bhagwat

मोदी ने भागवत के संबोधन के सारांश का ऑनलाइन लिंक भी जारी किया। उन्होंने संघ की स्थापना दिवस पर आरएसएस कार्यकर्ताओं को बधाई दी। राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन पर अपने संबोधन में भागवत ने गोवध और मांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर जोर देते हुए लोगों से चीन के उत्पाद खरीदना बंद करने की अपील की। आतंकवाद का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि केरल और तमिलनाडु में जिहादी गतिविधियां बढ़ रही हैं।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में बांग्लादेश से अवैध रुप से आने वाले लोगों के कारण हिन्दू समाज का जीवन प्रभावित हो रहा है। सर संघचालक ने भागवत ने 4 महीने के छोटे से समय में राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विषयों पर की गई पहलों के लिए मोदी सरकार की तारीफ की।

आरएसएस के 89वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं जिससे लोगों में यह उम्मीद जगी है कि अंतराष्ट्रीय मंच पर भारत मजबूत बनकर उभर रहा है। दुनिया को भारत की जरूरत होने का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा, ‘लोगों के दिलों में उम्मीद की नई किरण जगी है। यात्रा और अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत के बाद पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।‘ जम्मू कश्मीर में बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत एवं बचाव कार्य में योगदान के लिए उन्होंने केंद्र और आरएसएस कार्यकर्ताओं की सराहना की।

वैश्विक आतंकवाद के विषय पर भागवत ने पश्चिम एशिया से तेल लेने से जुड़े पश्चिमी देशों के कथित स्वार्थी हितों को वहां इस्लामिक स्टेट (आईएस) की आतंकी गतिविधियां बढ़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया। सरसंघचालक ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि अधिकांश देश और धार्मिक समूह इस बुराई के खिलाफ लड़ रहे हैं। आरएसएस की स्थापना विजयदशमी पर ही वर्ष 1925 में नागपुर में की गई थी।


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