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योगी कैबिनेट का फैसला- खत्म होगी महापुरुषों के नाम पर छुट्टी


लखनऊ। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ हर रोज कोई ना कोई नया फैसला ले रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इनमें महापुरुषों के जन्मदिन व अन्य महत्वपूर्ण दिनों को मिलाकर कुल 15 छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके अलावा सरकारी व निजी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए मंगलवार को चार स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित करने का फैसला किया है। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स तहसील, जिला, मंडल और राज्य स्तर पर गठित होगी।

कब्जे चिह्नित करने को दो महीने चलेगा अभियान

सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों को चिह्नित करने के लिए दो महीने का अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी की अगुआई में जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी। सभी सरकारी विभाग, निगम, सार्वजनिक उपक्रम, आदि अवैध कब्जे का शिकार अपनी जमीनों व परिसंपत्तियों की सूची जिला स्तरीय टास्क फोर्स को सौंपेंगे। वे यह जानकारी भी मुहैया कराएंगे कि परिसंपत्तियों पर किसने कब्जा किया है, कब्जा हटाने के लिए विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई है और कब्जा न हट पाने में क्या समस्या आड़े आ रही है।

पेशेवर भू-माफिया को चिह्नित करेगी पुलिस

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को पेशेवर भू-माफिया की श्रेणी में आने वाले लोगों को चिह्नित करने के निर्देश दिये जाएंगे। उन्हें ऐसे लोगों को चिह्नित करना होगा जिनके बारे में संपत्तियों पर अवैध कब्जे करने की शिकायतें अमूमन मिलती रहती हैं। यह वे लोग होंगे जो राजनीतिक संरक्षण में और सरकारी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की सांठगांठ से आये दिन सरकारी, निजी व धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों पर कब्जे करते रहते हैं।

कब्जे की शिकायत में लापरवाही पर नपेंगे थाना प्रभारी

पुलिस को सख्त निर्देश दिये जाएंगे कि अपनी संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों की थानों पर उचित सुनवाई हो। यदि कब्जा हो रहा हो या होने की आशंका हो तो पुलिस फौरन हस्तक्षेप कर उसे रोके। कब्जा करने वाले के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करें। कब्जे की शिकायतों में पुलिस की ओर से लापरवाही या ढिलाई बरते जाने पर थाना प्रभारी को सीधे जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही होगी।

कानूनी पचड़े में फंसी संपत्तियों को मुक्त कराने की होगी पहल

जिला स्तरीय टास्क फोर्र्स देखेगी कि कौन सी संपत्तियां कानूनी विवाद के कारण कब्जे से मुक्त नहीं हो पा रही हैं। ऐसी संपत्तियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए अदालत में प्रभावी पैरोकारी की जाएगी।

सार्वजनिक संपत्तियों के कब्जे भी खाली कराये जाएंगे

सार्वजनिक संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जों के मामलों में पब्लिक प्रेमाइसेस एविक्शन एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी। ऐसे मुकदमों को तेजी से निस्तारित कराने के प्रयास होंगे।

मुख्य सचिव होंगे राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष

अवैध कब्जों को भू-माफिया के चंगुल से मुक्त कराने की कार्यवाही की राज्य स्तर पर समीक्षा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी। प्रमुख सचिव राजस्व इसके सदस्य-सचिव होंगे। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हर दो महीने में एक बार जरूर होगी।

पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे शिकायतें

लोग अपनी संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। राजस्व विभाग ऑनलाइन पोर्टल तैयार कराएगा। जब तक यह पोर्टल तैयार नहीं हो जाता, तब तक लोग शिकायतें राज्य सरकार द्वारा एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के तहत संचालित जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे। शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों पर हुई कार्यवाही से एसएमएस के जरिये अवगत हो सकेंगे।


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