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अगले दो साल में 10 हजार अमरिकियों को नौकरी देगी इंफोसिस


कंपनी का ये ऐलान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रशासन की ओर से एच-1बी वीजा को लेकर सख्ती की बात की जा रही है. तकनीक में दक्ष करीब 65 हजार लोगों को हर साल अमेरिका एच-1बी वीजा मुहैया कराता है. इसके अलावा 20 हजार वीजा उन लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने अमेरिका में एडवांस डिग्री हासिल की है.

अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में आरोप लगाया था कि इंफोसिस और टीसीएस ज्यादा वीजा पाने के लिए लॉटरी सिस्टम में ज्यादा संख्या में आवेदन करते हैं. सॉफ्टवेयर कंपनियों की संस्था नैस्कॉम के आंकड़े बताते हैं कि 2014-15 में दोनों कंपनियों को साढ़े सात हजार से ज्यादा वीजा मिला, जो कुल संख्या का करीब 8.8 फीसदी बनता है.

फिलहाल, इंफोसिस का कहना है कि अमरिकियों के लिए नई नौकरियां अगले दो सालों में देने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए चार टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब खोले जाएंगे. इसमें से पहला हब इस साल अगस्त तक इंडियाना में खोला जाएगा, जिसमें 2021 तक अमरिकियों के लिए करीब दो हजार नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है.

कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का का कहना है, “ अमेरिका में अपने ग्राहकों के लिए डिजिटल भविष्य को साकार करने के लिए कंपनी अगले दो सालों में तकनीकी रुप से दक्ष 10 हजार अमरिकियों को नौकरी देने के लिए प्रतिबद्ध है.”

इंफोसिस कंपनी जानी मानी अमेरिकी विश्वविद्यालयों और स्थानीय कॉलेज से निकले छात्रों के साथ-साथ तकनीक में अनुभवी लोगों को नौकरी देगा. इन लोगों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि ग्राहकों की जरुरतों को पूरा करने में ये कंपनी की मदद कर सके.

अमेरिका में इंफोसिस फाउंडेशन के जरिए 2015 से लेकर अब तक 1.34 लाख छात्र, ढ़ाई हजार से ज्यादा शिक्षक और ढ़ाई हजार से ज्यादा स्कूल में प्रशिक्षण दिया जा चुका है. फाउंडेशन कोड डॉट ओआरजी और सीएसटीए जैसी संस्थानों के साथ भागीदारी कर प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया करा रहा है.


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