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उत्तर प्रदेश: अब भ्रष्टाचार पर लगाम, योगी कैबिनेट ने सभी सरकारी विभागों में लागू की ई-टेंडर व्यवस्था


उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एक अहम फैसला करते हुए सभी सरकारी विभागों में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू कर दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एक अहम फैसला करते हुए सभी सरकारी विभागों में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू कर दी है। यह निर्णय वर्तमान सरकार के लोक कल्याण संकल्प पत्र 2017 के वायदे के अनुरूप किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सभी सरकारी कांट्रेक्ट के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।  कैबिनेट के निर्णय के तहत प्रदेश के सभी शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, स्वायत्त शासी संस्थाओं, निकायों इत्यादि में एनआईसी के ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफार्म का प्रयोग करते हुए सभी निर्माण कार्यो, सेवाओं, जॉब वर्क, सामग्री क्रय के लिए ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली को लागू किया जाएगा। निर्माण कार्यों, सेवाओं, जॉब वर्क, सामग्री क्रय के लिए निविदा प्रक्रिया मैनुअल विधि से संपादित की जाती है। उन निविदाओं को ई-प्रोक्योरमेंट व ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराया जाना प्रत्एक विभाग के लिए अब अनिवार्य होगा।
मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया कि अधिकारियों व टेंडर समिति के सदस्यों को डिजिटल सिग्नेचर प्राप्त करने होंगे। ये डिजिटल सिग्नेचर भारत सरकार द्वारा अधिकृत किसी भी संस्था से लिए जा सकते हंै। मंत्रिपरिषद ने इस संबध में अन्य निर्णय लिए जाने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। इस व्यवस्था के लागू होने से टेंडर व ठेकेदारी प्रक्रिया में माफिया राज समाप्त होगा और कोई भी व्यक्ति कहीं से भी भयमुक्त होकर निविदा प्रक्रिया में आवेदन कर सकेगा।

मंत्रिपरिषद ने गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट कोे पुनर्जीवित करने के लिए फर्टिलाइजर कारपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआइएल) से हिंदुस्तान उवर्रक व रसायन लिमिटेड को भूमि के अंतरण के लीज विलेख हेतु अनुमानित स्टांप शुल्क 210 करोड़ रुपए की छूट के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। ध्यान रहे कि हिंदुस्तान उर्वरक व रसायन लिमिटेड, एनटीपीसी, कोल इंडिया लिमिटेड व इंडियन आॅयल कारपोरेशन का संयुक्त उपक्रम है। भारत सरकार ने बीते वर्ष 13 जुलाई को इस संयुक्त उपक्रम के द्वारा गोरखपुर स्थित उवर्रक प्लांट को पुनर्जीवित किए जाने का प्रस्ताव अनुमोदित किया है। इस उवर्रक प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए 6500 करोड़ रुपए का निवेश होना प्रस्तावित है। कैबिनेट ने 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है। प्रदेश की जिन महान विभूतियों ने देश की आजादी में योगदान दिया है, उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर उनके बारे में जानकारी प्रचारित-प्रसारित की जाएगी। इसके अलावा 2017-18 के लिए वार्षिक स्थानांतरण नीति को भी योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत व्यवस्था दी गई है कि शासन, विभागाध्यक्ष, मंडल व जिला स्तर के समस्त स्थानांतरण 30 जून, 2017 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। स्थानांतरण करने हेतु अवधि के निर्धारण के लिए 31 मार्च, 2017 को कट आॅफ डेट निर्धारित की गई है।

नई स्थानांतरण नीति के अनुसार समूह क व ख के ऐसे अधिकारियों के स्थानांतरण किए जा सकेंगे, जो जनपद में तीन वर्ष व मंडल में सात वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके हैं। समूह ख के अधिकारियों के स्थानांतरण विभागाध्यक्षों द्वारा किए जाएंगे। इसके अलावा कैबिनेट ने जिला खनिज फाउंडेशन न्यास नियमावली, 2017 को लागू करने की अनुमति दी है। इसके तहत जिला खनिज फाउंडेशन की निधि के 60 फीसद फंड का उपयोग प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों-पेय जल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण उपाय, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, महिला व बाल कल्याण, स्वच्छता, कौशल विकास पर खर्च किया जाएगा।

 


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