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इंदिरा की शहादत: सरकार की बेरुखी से कांग्रेस को हर्ज नहीं


SHASHI THAROOR

नई दिल्ली, (एजेंसी) 30 अक्टूबर । कांग्रेस के बड़े नेताओं, खासकर गांधी-नेहरू परिवार के सदस्यों से जुड़े मसलों और मौकों पर सरकार की तटस्थता को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अपने चिर-परचित रुख से यू-टर्न लेती दिखी। एक दिन पहले कांग्रेस इंदिरा गांधी के शहादत दिवस की अनदेखी किए जाने को लेकर सरकार पर हमलावर होने का संकेत दे रही थी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का अब कहना है कि अगर सरकार इंदिरा गांधी के शहादत दिवस से दूरी बनाना चाहती है तो इसमें उसे कोई हर्ज दिखाई नहीं देता। हालांकि खुद कांग्रेस में इस मसले पर एक मत नहीं दिख रहा।
इंदिरा की अनेदखी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता व सांसद शशि थरूर ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इंदिरा गांधी की शहादत की अनेदखी किए जाने को शर्मनाक बताया। थरूर ने ट्वीट किया कि यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार हमारी उन प्रधानमंत्री की शहादत को नजरअंदाज कर रही है, जिनकी उनके कार्यकाल में ही हत्या कर दी गई थी। 31 अक्तूबर भुलाना अफसोसनाक है।

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने 31 अक्टूबर को इंदिरा के शहादत दिवस पर आयोजन के बजाय इस दिन सरदार पटेल की जंयती मनाने का फैसला किया है। मोदी सरकार ने इसे राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया है। कांग्रेस के यू टर्न को दिखाते हुए कांग्रेस महासचिव व कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी अजय माकन ने कहा कि गांधी की जगह पटेल के आयोजन में कोई किसी की जगह नहीं ले रहा।
गुरुवार को माकन का कहना था कि दोनों ही देश के महान नेता थे, जिनका देश के इतिहास में अमूल्य योगदान था। कोई भी नेता या सरकार ऐसे बड़े नेताओं के योगदान और उनकी विरासत को लोगों के दिलों से नहीं निकाल सकती। माकन ने सफाई दी और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का सुझाव रहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस व शहादत को छोड़कर किसी बड़े नेता से जुड़े दिन के आयोजन का जिम्मा संबंधित राजनीतिक पार्टियों, ट्रस्टों और सोसइटीज पर छोड़ दिया जाना चाहिए।

अगस्त 2012 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को खत लिखकर सुझाव दिया था कि सरकार जितने भी नेताओं की जयंती व डेथ एनिवर्सरी पर आयोजन करती है, उसमें महात्मा गांधी को छोड़कर बाकियों से जुड़ा आयोजन बंद कर देना चाहिए। इस बारे में माकन का कहना था कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए यह फैसला लिया हो। केंद्र सरकार ने सरकारी स्तर पर अब सिर्फ महात्मा गांधी की जयंती व शहादत दिवस मनाने का फैसला किया है।


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