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इंदौर की महापौर गौड़ के कद बढ़ने से असहज हुआ महाजन खेमा, भाजपा में हलचल!


मध्य प्रदेश की राजनीति में इंदौर का बेहद दखल रहा है क्योंकि इंदौरी राजनीति का असर पूरे मालवा-निमाड़ पर होता है. ऐसे में अगर दो मजबूत खेमे आमने-सामने हों तो हलचल मचना लाजिमी है. इन दिनों इंदौर में सांसद सुमित्रा महाजन और महापौर मालिनी गौड़ खेमे में दूरियां देखी जा रही हैं. सफाई में इंदौर को नंबर एक स्थान दिलाने के बाद महापौर मालिनी गौड़ दिल्ली के लिए जाना-पहचाना चेहरा हो गई हैं.
गौड़ के इसी बढ़ते राजनीतिक कद के चलते उनके समर्थक उन्हें सांसद का मजबूत दावेदार बताने लगे हैं. ऐसे में सुमित्रा महाजन खेमे का नाराज होना लाजिमी है. ये दोनों इंदौर की भाजपाई राजनीति के मजबूत केंद्र माने जाते हैं. इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिलने के बाद महापौर मालिनी गौड़ के राजनीतिक कद में एकाएक बढ़ोतरी हुई है. केंद्र सरकार के बड़े प्रोजेक्ट को हासिल करने की होड़ में भी इंदौर लगातार बाजी मार रहा है. उसने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पहले 20 शहरों की सूची में भी स्थान बनाया.

सीएम शिवराज की करीबी हैं गौड़
गौड़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की करीबी तो थी हीं लेकिन इन उपलब्धियों ने उन्हें दिल्ली में भी पहचान दिला दी. सुमित्रा महाजन ने पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान घोषणा की थी वे अब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी. ताई के इसी बयान को आधार बनाते हुए समर्थक अब गौड़ को सांसद की दावेदार बता रहे हैं. गौड़ कैंप की इसी कथित दावेदारी को लोकसभा स्पीकर व स्थानीय सांसद सुमित्रा महाजन का खेमा टकराव की नजरों से देख रहा है.

भाजपा में हलचल
इसी के चलते भाजपा की स्थानीय राजनीति में अंदरूनी तौर पर हलचल मच गई है. इस बारे में कांग्रेस प्रवक्त नरेंद्र सलूजा का कहना है कि गौड़ समर्थक महाजन को किनारा करने में लगे हैं. ऐसा स्पष्ट दिख रहा है. यह पूरा खेल इंदौर के स्वच्छ शहर बनाने का श्रेय लेने का चल रहा है.

वहीं, भाजपा प्रवक्त गोविंद मालू पार्टी विचार-विमर्श के बाद हर कार्यकर्ता या नेता की जिम्मेदारी तय करती है. ये मीडिया का कयास है. हालांकि उन्होंने कहा कि जो नेतृत्व करता है उसे सफलता का श्रेय भी मिलता है.

सीएम को करना पड़ा था कार्यक्रम रद्द
गौड़ कैम्प और सुमित्रा ताई खेमे की ये खटपट उस समय उजागर हुई जब मुख्यमंत्री का 17 मई को होने वाला प्रणाम इंदौर कार्यक्रम निरस्त हुआ. इस कार्यक्रम के जरिए गौड़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में थी. वहीं, लोकसभा अध्यक्ष और स्थानीय सांसद सुमित्रा महाजन ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू से बात कर उन्हें 5 जून को इंदौर आमंत्रित कर ऐसा ही कार्यक्रम फाइनल करवा चुकी थी.

सुमित्रा ताई अपने इस कार्यक्रम में महापौर, निगम आयुक्त और उनकी पूरी टीम का सम्मान करना चाहती थी. लेकिन महापौर खेमे द्वारा उनकी सांसद पद के लिए दावेदारी की चर्चाओं ने पूरा मामला बिगाड़ दिया. सारे समीकरणों के बीच मालिनी और महाजन में तालमेल गड़बड़ा गया है.


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