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दिल्ली में रामपाल समर्थकों का डेरा


Rampal Supporters

नई दिल्ली ,(एजेंसी) 19 नवम्बर । हरियाणा के विवादित संत रामपाल की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को उनके कई हजार समर्थक दिल्ली पहुंच गए। समर्थक संत की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे है। उनके एक प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। समर्थक यहां से आगे न जा पाए दिल्ली पुलिस ने इसकी पूरी तैयारी की हुई है।

पंजाब हाईकोर्ट कई बार संत रामपाल का गिरफ्तारी वॉरंट जारी कर चुका है। संत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए पूरी ताकत झौंक दी गईए लेकिन संत के समर्थक पुलिस और उनके बीच दीवार बनकर खड़े हो गए है। हिसार के सतलोक आश्रम में पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए उनके कई हजार समर्थक दिल्ली मंगलवार दोपहर को ही पहुंच गए। संत समर्थकों में महिलाओं की संख्या अच्छी खासी है। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को भी साथ लाई है।

उन्होंने जंतर मंतर पर धरना दिया हुआ है। कुछ समर्थक आपस में मीटिंग कर आगे की रणनीति बनाने में जुटे हुए है। संत समर्थकों का कहना है कि वह उन्हें बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। अब तक यहां सब कुछ शांत है। डीसीपी (नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट) एसबीएस त्यागी ने बताया कि एहतियात के तौर पर दिल्ली पुलिस ने पूरी तैयारी की हुई है। संत समर्थकों को किसी भी सूरत में यहां से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। डीसीपी ने बताया कि संत समर्थकों के एक प्रतिनिधिमंडल की गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कराई गई।

समय रहते ऐक्शन लेते तो टकराव न होता: हुड्डा
हिसार में रामपाल के समर्थकों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई झड़प के बारे में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना था कि आज जो यह नौबत आई हैए उसे टाला भी जा सकता था। हुड्डा का कहना था कि अगर प्रशासन समय रहते इस पर एक्शन लेता तो इस टकराव को टाला जा सकता था। हालांकि, हुड्डा का मानना है कि अब भी देर नहीं हुई है। अगर प्रशासन विवेक और संयम से काम ले तो हालात को संभाला जा सकता है। पूर्व सीएम ने रामपाल व समर्थकों से समझदारी से काम लेने व टकराव से बचने की अपील की है।

हुड्डा के वक्त में भी बिगड़े थे हालात
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में बतौर सीएम हुड्डा के कार्यकाल में तीन बार ऐसे हालात बने। जब एनबीटी ने उनसे जानना चाहा कि उन्होंने उस समय हालात का कैसे संभाला तो पूर्व सीएम हुड्डा का कहना था कि उस समय हमने शांति और विवेक से काम लिया। हमने लोगों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला। हुड्डा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब बाबा राम रहीम वाला मामला हुआ था तो बाहर तकरीबन 20-22 हजार समर्थकों की भीड़ थी, वहीं आश्रम के भीतर 5 से 7 हजार समर्थक थे। हमने बातचीत करके संयम से काम लिया और आश्रम खाली कराया।

मीडिया पर हमले की निंदा
हुड्डा ने इस कार्रवाई में मीडिया पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मीडिया तो किसी का पक्ष नहीं ले रहा थाए वह तो निष्पक्ष तरीके से अपना काम कर रहा था। उन्होंने बाबा व उनके समर्थकों से समझदारी से काम लेने की अपील की।


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