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श्रीनिवासन की फिर खिंचाई, सवालों की बौछार


Sri nivasan

नई दिल्ली,(एजेंसी)08दिसंबर । आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की जमकर खिंचाई की। कोर्ट ने कहा की उनका एक साथ इतने पदों पर बने रहना हितों के टकराव को साफ ज़ाहिर करता है। कोर्ट इस बात पर विचार कर रहा है कि कैसे बीसीसीआई का चुनाव भी हो और साथ ही सट्टेबाजी में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हो।

हितों के टकराव को लेकर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर एक बार फिर कटघरे में खड़े नज़र आए। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने श्रीनिवासन के वकील के सामने कुछ मुश्किल सवालों की बौछार कर दी। इस बात पर चिंता जताई गई कि श्रीनिवासन बीसीसीआई के अध्यक्ष थे, आईपीएल गवर्निंग बॉडी के सदस्य भी थे और सीएसके टीम के मालिक भी थे।

कोर्ट ने कहा कि खेल की शुद्धता बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि खेल से जुड़ा हर आदमी किसी भी तरह की शंका से परे हो। आप के दामाद सीएसके टीम के अधिकारी थे और उन पर सट्टेबाजी का आरोप है। आप टीम के मालिक है जिसने 400 करोड़ रुपया देकर टीम को खरीदा है। आप ही पूरे खेल के संचालन में हैं। ये मानना बहुत मुश्किल होगा कि हितों का टकराव नहीं है। चाहे आपने कोई फायदा उठाया या नहीं, ये अलग बात है।
हितों के टकराव को लेकर श्रीनिवासन के वकील ने कई दलील पेश की लेकिन कोर्ट पर इसका कोई असर नहीं दिखा। इसलिए श्रीनिवासन बीसीसीआई का अगला चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर संशय बना हुआ है। कोर्ट में अब इस पर चर्चा हो रही है कि जस्टिस मुकुल मुद्गल कमेटी रिपोर्ट में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा।

कोर्ट बीसीसीआई की स्वायत्ता बरकरार रखने के लिए चाहता है कि बीसीसीआई दोषियों पर खुद कार्रवाई करे। ऐसे में सवाल ये है कि क्या पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवासन चुनाव लड़ेंगे। श्रीनिवासन के वकील का कहना है कि उनके दामाद की गलती की सज़ा उन्हें नहीं मिलना चाहिए। अगर वो चुनाव जीत जाते हैं तो दोषियों को सज़ा देने के लिए अलग कमेटी बनाएंगे और उस प्रक्रिया में कोई दखलअंदाजी नहीं करेंगे। इस मामले पर मंगलवार को भी बहस जारी रहेगी।


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