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सत्यम घोटाले में राजू को 6 महीने की सजा


Rama linga Raju

हैदराबाद,(एजेंसी)08दिसंबर । स्पेशल आर्थिक अपराध अदालत ने सत्यम घोटाले में फैसला सुनाते हुए रामालिंगा राजू और उनके भाई रामा राजू को 4 केस में 6 महीने की सजा सुनाई है। पांच केसों में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा कंपनी के दूसरे निदेशक राम मिनाम पति को भी दो मामलों में 6 महीने की जेल और 10 लाख जुर्माना लगाया है। बाकी आरोपियों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सेबी की ओर से दाखिल किए गए केस में कोर्ट 23 दिसंबर को फैसला सुनाएगा।

क्या है घोटाला?
कॉर्पोरेट क्षेत्र के इस सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश सात जनवरी 2009 को हुआ था। सत्यम कम्प्यूटर्स सर्विसेज लिमिटेड के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष बी रामलिंगा राजू ने कंपनी के खाते में छेड़छाड़ कर कई सालों से करोड़ों रुपये मुनाफा कमाने की बात स्वीकार की। इसके दो दिनों बाद आंध्र प्रदेश की अपराध जांच शाखा ने उन्हें और उनके भाई बी रामा राजू को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई ने फरवरी 2009 में जांच शुरू की। उसी साल सात और 24 अप्रैल और सात जनवरी 2010 को तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने इससे घोटाले से शेयरधारकों को 14000 करोड़ रुपये नुकसान होने का आरोप लगाया जबकि बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है और इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल सभी दस्तावेज नकली होने के साथ ही विधिसम्मत नहीं हैं।

इस मामले के दस मुख्य आरोपियों में बी रामलिंग राजू, कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक बी रामा राजू, पूर्व सीएफओ वडलामणि श्रीनिवास, पूर्व पीडब्ल्यूसी ऑडिटर सुब्रमणि गोपालकृष्णन और टी श्रीनिवास राजू के एक और भाई बी सूर्यनारायण राजू, पूर्व कर्मचारी जी रामकृष्ण डी वेंकटपति राजू और पूर्व इंटरनल चीफ ऑडिटर वी एस प्रभाकर गुप्ता शामिल हैं।


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