Wednesday , 25 November 2020
Home >> Breaking News >> संसद में हंगामे के बाद सरकार ने कहा- धर्म परिवर्तन रोकेने के लिए बने कानून

संसद में हंगामे के बाद सरकार ने कहा- धर्म परिवर्तन रोकेने के लिए बने कानून


नई दिल्ली,(एजेंसी)11 दिसंबर । धर्म परिवर्तन पर विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे के बाद सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हो गई है। विपक्ष आज बहस की मांग करते हुए वेल तक पहुंच गया था।

Wenkaiya Naidu

सरकार की तरफ से आज संसद में संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार न सिर्फ धर्म परिवर्तन पर चर्चा के लिए तैयार है बल्कि धर्म परिवर्तन रोकने के लिए कानून बनाने के लिए भी तैयार है। वैंकेया नायडू ने संसद में कहा, ‘धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए क्या करना है कि हम सब मिलकर चर्चा करेंगे और कानून लाएंगे। बचपन से हमारी ये मांग है। हमारी विचारधारा है।’

बीएसपी अध्यक्ष मायावती का कहना है कि देश का माहौल खराब हो रहा है। मायावती ने कहा, ‘सिर्फ एसपी सरकार नहीं, केंद्र की भी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी घटनाओं को रोके जो सांप्रदायिक तनाव पैदा करती हैं। यह एसपी सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि बीजेपी और ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जिन्होंने जबरन धर्मांतरण के जरिए सांप्रदायिकता फैलाई है।’

समाजावादी पार्टी, सीपीएम और एनसीपी ने भी धर्म परिवार्तन पर सरकार को घेरा है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पॉलिटिकल एजेंडा बताते हुए कहा है, ‘यह हर नागरिक का अधिकार है कि वह अपना धर्म चुन सकता है, लेकिन कोई लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाना अपराध है। धर्म के नाम पर लोगों को बांटना हमेशा से संघ और बीजेपी का पॉलिटिकल अजेंडा रहा है।’

धर्म परिवर्तन विवाद में बीजेपी सांसद विनय कटियार ने अब्दुल्ला परिवार पर निशाना साधा है। कटियार ने कहा है कि उमर अब्दुल्ला और फारुक अब्दुल्ला का परिवार भी पहले हिंदू था।

इस मामले पर बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा है, ‘आप इसे परिवर्तन कह सकते हैं, घर वापसी कह सकते हैं, इसे किसी अन्य तरह नहीं देखना चाहिए। अगर कोई अपनी भूल सुधारकर घर वापसी करना चाहता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।’

धर्म परिवर्तन के रेट का हुआ खुलासा-
आज धर्म जागरण मंच के राजेश्वर सिंह द्वारा जारी एक चिट्ठी में धर्म परिवर्तन पर होने वाले खर्च का भी खुलासा हुआ है। इस चिट्ठी में चिट्ठी में घर वापसी कराने में मुस्लिम परिवार पर 5 लाख और ईसाई परिवार पर 2 लाख सालाना खर्च की बात कही गई है।
इस चिट्ठी में ईसाई और मुस्लिम को समस्या की तरह पेश करते हुए धन संग्रह की अपील की गई है। चिट्ठी में कहा गया है कि इस साल एक लाख ईसाई और मुस्लिमों की घर वापसी का लक्ष्य तय किया गया है।


Check Also

पहाड़ों की बर्फबारी से दिल्ली शीत लहर की चपेट में आया, तापमान 6.3 डिग्री पंहुचा

देश में ठंड ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *