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CBI प्रमुख अनिल सिन्‍हा: किसी के दबाव में नहीं करेंगे काम


Anil Sinha

नई दिल्ली, 14 दिसम्बर 2014 । सीबीआई के नए डायरेक्‍टर अनिल सिन्हा ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी दबाव में आने वाले नही हैं। उनका मकसद ईमानदारी के साथ अपने काम को अंजाम देना है। सिन्‍हा ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच एजेंसी इस बात का ध्‍यान रखेगी कि किसी बेकसूर का शोषण न हो।

बीते 2 दिसंबर को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के प्रमुख का पद सम्भालने वाले अनिल सिन्हा ने मीडिया की सुर्खियां और सीबीआई की छवि को लेकर अनिल सिन्हा ने कहा, ‘जो यहां नहीं हैं उनके बारे में बातें करना मुनासिब नहीं है। जब भी हम सुर्खियां देंगे, सही मामलों में देंगे। हमारे जो अधिकारी हैं उन्हें एक ही चीज कही है कि निष्पक्षता से काम करें। अगर हम ऐसे काम करेंगे तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा। कुछ लोग संतुष्ट होंगें, कुछ नही, लेकिन हमें तथ्यों और सबूतों के साथ अदालत को संतुष्ट करना जरूरी है। हम किसी की परवाह क्यों करें। हां ये जरूर ध्यान रखना है कि किसी बेकसूर का शोषण ना हो। जो गलत हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

सफेदपोश लोगों से जुड़े मामलों में दबाव के सवाल पर अनिल सिन्हा ने कहा,’आपने केस में हमें कहीं डगमगाते हुए देखा? जब हम इस तरह के केस पर काम करते हैं तो हम बारीकी से जांच करते हैं। कभी भी हड़बड़ी और जल्दबाजी में काम नहीं करते। किसी खास माइंडसेट को लेकर अगर जाएंगे तो रिजल्ट उम्दा नहीं होते। कोर्ट को संतुष्ट करना होता है। इसलिए हम अपने काम के हर पहलू को बेहतर तरीके से करना जरूरी समझते हैं।

सीबीआई निदेशक ने अपनी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे पास चुनिंदा लोगों की उम्दा टीम है। देश के चुनिंदा अफसरों को लिया गया है। हमने हमेशा संदेश दिया है कि जो काम है, उसे अच्छे से करें। नतीजे की चिन्ता ना करें। दबाव में ना आएं बस अच्छे से काम करें। अपने काम को निर्भिकता से करें और आगे बढ़ें।

सिन्हा ने कहा कि सीबीआई हर साल तकरीबन 1200 मामलों पर जांच करती है। हमारे लिये हर केस अहम होता है। हमारी प्राथमिकता रहती है कि चाहे छोटा केस हो या बड़ा, चाहे वो हेडलाइन बने या ना बनें। हम सभी को अच्छे से हैंडल करते हैं। भ्रष्टाचार के माहौल में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि हम बेहतर तरीके से काम करें।

एसपीजी में अपने कार्यकाल के बारे में सिन्हा ने कहा कि वहां अगर हम गलती करते हैं तो बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिये अच्छे से काम करते हैं। हमने वहां भी कई इस तरह की बातें ध्यान रखनी होती हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी खास केस के बारे में यहां बात करना सही नहीं होगा लेकिन एक बात कहना है कि हर देश के कानून अलग होते हैं। आज की तारीख में ये बताना उचित नहीं होगा हम किस केस पर किस तरह से काम कर रहे हैं और कहां तक पंहुचे हैं। कुछ बातें होती हैं जो लोगों तक नहीं जानी चाहिए। इन्‍हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

सीबीआई के बेजा इस्तेमाल पर अनिल सिन्हा ने कहा कि उन्हे स्पेशल डायरेक्टर बनने से पहले करीब 35 साल पुलिस में काम करने का अनुभव है। कभी कोई डायरेक्शन नहीं मिला। जो कुछ किया खुद किया, अपने विचार से किया। कुछ लोगों की उम्मीद रही होगी पर मुझे इस तरह का कोई अनुभव नहीं रहा। मैंने कोई प्रेशर नहीं देखा।’

पश्चिम बंगाल के सारदा चिट‍फंड केस के बारे में सिन्हा ने कहा, ‘हम तो अपना काम करते हैं। किसे सूट करता है, किसे सूट नहीं करता, इससे हमें मतलब नहीं. ना ही किसी ने मुझे कुछ कहा और ना ही हमने किसी से कुछ कहा। हम तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं। बस हम अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं।

सीबीआई डायरेक्‍टर ने कहा, ‘जो केस होते हैं वो सभी कोर्ट के पास होते हैं। कुछ गिने चुने केस होते हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट मॉनिटर करता है। उससे फायदा होता है। कई बार कुछ छूट जाता है तो वो भी हम देख पाते हैं। सीखने को मिलता है। हम न्यायालय के फैसले को जज नहीं कर सकते हैं।’

सुप्रीम कोर्ट से मिलने वाली फटकार पर सिन्हा बोले कि काम अगर पूरा या ठीक नहीं किया तो फटकार होनी चाहिए। डांट-फटकार मिलती है तो उसे पॉजिटिव लेना चाहिये। काम को बेहतर से किया जाना चाहिये। घर में डांट पड़ती थी तो क्या करते थे?

स्पेशल केस के मामले में उन्होंने बताया कि हमने एक एसआईटी बनाई है जो केस को हैंडल करने के लिए सक्षम हैं। ऐसे और भी केस हैं जिन पर हम काम कर रहे हैं। हमने टीम से कहा कि सारे सबूतों को परख लें। सही काम करना है सही काम प्राथमिकता है।

राज्यों में चल रहे मामलों पर उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ी चीज हो रही होती है तो ऐसा नहीं कि हम उनसे अनजान हों। हम अपने डेटाबेस के लिये काम करते हैं लेकिन हम किसी और के काम में दखल दें ये मुनासिब नहीं होगा।

अनिल सिन्हा ने साफ संदेश दिया कि देश में करप्शन से लड़ने के लिये अपने अंदर के लालच से भी लड़ना होगा. खुद पर काबू रखना होगा। इसी की वजह से केस सफर करते हैं। मैन पॉवर की कमी पर उन्‍होंने कहा कि ‘इनफ कभी नहीं होता। हर किसी को कमी से जूझना पड़ता है। जो है उसे सही से इस्तेमाल करें। जहां जरूरत होती है तो हमें सरकार से मिलता भी है। अभी जो हमारे पास है वो काफी ना होते हुए भी इतने सक्षम हैं कि सारे केस पर अच्छे से काम कर सकें।

अपनी नियुक्‍ति के बारे में उन्‍होंने कहा कि उन्हें अंदाजा भी नही था कि वो सीबीआई के निदेशक बनेंगे। उन्‍होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता था मुझे भूख लगी थी। मैं खाना खाने जा रहा था। टीवी पर परिवार ने देखा पर विश्वास नहीं हुआ। रात को डेढ़ बजे मुझे डीओपीटी से नोटिफिकेशन मिला तब मुझे विश्वास हुआ। मेरे दिमाग में आया कि बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी गई है। सही काम करने के लिये ईश्वर मेरी मदद करें। बस यही प्रार्थना की।’

सीबीआई प्रमुख ने कहा कि संगीत जीवन में रंग भरते हैं। लेकिन जो बदरंग करने वाली चीजें हैं, उनसे मुक्कमल लड़ाई लड़ने की जरूरत है। ताकि हमारा किसी भी तरह का नुकसान ना हो।


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