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विधानसभा चुनाव परिणाम 2014 LIVE: झारखंड में बीजेपी बहुमत के करीब, जम्मू-कश्मीर में त्रिशंकु विधानसभा के आसार


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रांची/जम्मू, (एजेंसी) 23 दिसंबर । जम्‍मू-कश्‍मीर और झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर अब तक आए रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) झारखंड में बहुमत हासिल करने के करीब है। वहीं, जम्‍मू कश्‍मीर भाजपा और पीडीपी में कांटे की टक्कर चल रही है। रुझानों के मुताबिक झारखंड में बीजेपी अकेले अपने दम पर सरकार बनाती दिख रही है। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।

जम्मू-कश्मीर में 87 विधानसभा सीटों पर मतगणना के रुझानों के अनुसार बीजेपी 25, कांग्रेस 16, नेशनल कान्फ्रेंस 15 और पीडीपी 25 सीटों पर आगे चल रही है। साथ ही अन्य के खाते में 6 सीटें जाती दिख रही है। दूसरी तरफ, झारखंड में 81 विधानसभा सीटों पर मतगणना के रुझानों में बीजेपी 37 सीटों, कांग्रेस 6, झारखंड मुक्ति मोर्चा 22, जेवीएम 8 सीट पर आगे चल रही है। अन्य 8 सीटों पर आगे है।

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच कांटे की टक्‍कर है। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस रुझानों में काफी पीछे है। आतंकवाद प्रभावित इस इलाके की सभी सीटों पर कुल मिलाकर 821 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और वर्ष 1987 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब राज्य की जनता ने इतने ज़्यादा उत्साह के साथ वोटिंग की है। जम्मू-कश्मीर में मतगणना केंद्र राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों में बनाए गए हैं जबकि उन निर्वाचन क्षेत्रों में अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो बर्फ पड़ने या खराब मौसम के कारण अन्य हिस्सों से कट गए हैं। मतगणना के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों को बड़ी संख्या में मतगणना केंद्रों के आसपास और शहर के कुछ हिस्सों में तैनात किया गया है। मतगणना के दौरान या इसके बाद पैदा हो सकने वाली कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी समस्या से निपटने के लिए एक रणनीति तैयार की गई है।

जम्मू कश्मीर में हुए इन चुनावों में कुल 821 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, जिनमें 276 लोग निर्दलीय उम्मीदवार थे। इस साल राज्य में कुल मतदान 65 प्रतिशत रहा, जो पिछली बार यानी वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनावों के मत प्रतिशत से चार प्रतिशत अधिक था। इन चुनावों के दौरान मत प्रतिशत में आए इस बदलाव ने सभी बड़े राजनीतिक दलों में उम्मीद के साथ-साथ चिंता भी पैदा कर दी है। सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस दावा कर रही है कि ज्यादा मत प्रतिशत से उसे लाभ मिलेगा, जबकि पीडीपी और भाजपा कह रहे हैं कि यह लोगों की बदलाव की चाह की बानगी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विपक्षी पीडीपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मुफ्ती मुहम्मद सईद चुनाव में उतरे कुल 821 उम्मीदवारों में शामिल हैं।

उधर, झारखंड में चुनाव परिणामों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में भारी बेचैनी है और सुबह से ही नेता लोग मंदिरों, मस्जिदों और गिरिजाघरों में पहुंच रहे हैं तथा अपनी और पार्टी की जीत की कामना कर रहे हैं। इस क्रम में भाजपा के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में माने जाने वाले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह सबसे पहले मंदिर पहुंचे। राज्य में पांच चरणों में हुए चुनाव में रिकार्ड 66.47 प्रतिशत मतदान हुआ और इन विधानसभा चुनावों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह पूरी तरह हिंसा रहित और शांतिपूर्ण रहे। इससे पहले कभी भी झारखंड राज्य बनने के बाद इतना अधिक मतदान यहां विधानसभा या लोकसभा चुनावों में रिकॉर्ड नहीं किया गया था।

इस वर्ष अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनावों के मतदान से भी इन विधानसभा चुनावों में लगभग ढाई प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। 2009 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इन विधानसभा चुनावों में लगभग नौ प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। झारखंड में इन चुनावों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्रियों अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा और बाबूलाल मरांडी के साथ विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह समेत अनेक बड़े नेताओं का भाग्य दांव पर लगा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका और बरहेट से अपना भाग्य आजमा रहे हैं वहीं अजरुन मुंडा सराइकेला खरसांवा, बाबूलाल मरांडी गिरिडीह और राजधनवार एवं मधुकोडा ने मझगांव से चुनाव लड़ा है । शशांक शेखर भोक्ता ने सारठ से और सीपी सिंह ने रांची से चुनाव लड़ा है।

झारखंड में पहले चरण में मतदान 25 नवंबर को और दूसरे चरण में दो दिसंबर को मतदान हुआ था। तीसरे चरण में नौ दिसंबर को, चौथे चरण में 14 दिसंबर को और पांचवें तथा अंतिम चरण में 20 दिसंबर को 16 शेष सीटों के लिए मतदान हुआ। प्रथम चरण में 63.26 प्रतिशत, द्वितीय में 68.01, तीसरे चरण में 63.96, चौथे चरण में 64.63 प्रतिशत और अंतिम चरण में बीस दिसंबर को 70.42 प्रतिशत मतदान हुआ था । देवघर में सर्वाधिक 31 चरण तक मतगणना होगी, वहीं चक्रधरपुर में 15 दौर तक मतगणना में अंतिम परिणाम आ जायेंगे। कुल पांच चरणों में 1136 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया और दो करोड़, आठ लाख, 52437 मतदाता पूरे प्रदेश में इन चुनावों की प्रक्रिया में शामिल थे। राज्य की कुल 81 सीटों में से 28 आदिवासियों और नौ सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित थीं। राज्य में सभी 24 जिलों में 24 केन्द्र बनाए गए हैं जहां सहायक निर्वाचन अधिकारियों के लिए 83 मेज गणना के लिए लगाये गये हैं। कुल 1312 मेजों पर मतगणनाकर्मी मतगणना कर रहे हैं । सभी मतदान केन्द्रों पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

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