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ओबामा की सुरक्षा के लिए फूलप्रूफ सुरक्षा, चप्पे-चप्पे की तलाशी


hotelनई दिल्ली ,(एजेंसी) 6 जनवरी । गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में बराक ओबामा के भारत आगमन से 3 हफ्ते पहले अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और सीआईए के एजेंटों ने मौर्या शेरेटन होटेल के तीन फ्लोर अपने कब्जे में ले लिए हैं। पूरे होटेल में ऐक्सेस कंट्रोल कर दिया गया है। इस बार 26 जनवरी की परेड के दौरान आसमान पर एयरफोर्स जेट के अलावा कैमरे से लैस ड्रोन भी नजर रखेंगे।

26 जनवरी की परेड पर अमेरिकी प्रेजिडेंट बराक ओबामा के आगमन से पहले उनकी सुरक्षा की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), दिल्ली पुलिस की यूनिटों, पैरामिलिट्री फोर्स और आर्मी के अलावा पंजाब, यूपी समेत कई राज्यों और नक्सल प्रभावित इलाकों की पुलिस के स्पॉटर्स भी दिल्ली आ रहे हैं।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज बुश की तरह ओबामा भी धौला कुआं स्थित मौर्या शेरेटन में ही ठहरेंगे। ओबामा प्रेजिडेंशल स्वीट में ठहरेंगे। इस फ्लोर के साथ-साथ इससे ऊपर और नीचे वाले फ्लोर को भी सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने अपने कब्जे में ले लिया है। होटेल में ऐक्सेस कंट्रोल हो चुका है। सभी फ्लोर पर आने-जाने वालों और यहां ठहरे हुए गेस्ट पर नजर रखी जा रही है।

ओबामा की कैडिलेक, प्रणव की बीएमडब्ल्यू

जानकारी मिली है कि ओबामा के आने से पहले ही होटेल को सभी गेस्ट से खाली करा लिया जाएगा। जब तक ओबामा मौर्या में ठहरेंगे, तब तक इस होटेल में किसी भी फ्लोर पर कोई भी गेस्ट नहीं ठहरेगा। इस होटेल के अंदर अमेरिकी एजेंट और बाहर दिल्ली पुलिस की टुकड़ियां तैनात हो चुकी हैं। जानकारी मिली है कि तीन फ्लोर पर तैनात अमेरिकी एजेंट यहां दीवारों, बाथरूम, छतों और फर्नीचर तक की चेकिंग कर रहे हैं। यह चेकिंग जासूसी के किसी उपकरण यानी बगिंग की आशंका से की जा रही है। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट दुनियाभर में अपने प्रेजिडेंट की सिक्यॉरिटी सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी जासूसी की आशंका को भी खत्म करते हैं।

प्रेजिडेंट ओबामा अपने एयरफोर्स वन से आईजीआई एयरपोर्ट के टेक्निकल एरिया पर लैंड करेंगे। एयरफोर्स वन के पास ही उनकी कैडिलेक तैयार खड़ी मिलेंगी। यहां से उनका काफिला धौला कुआं होते हुए सरदार पटेल मार्ग पर स्थित मौर्या शेरेटन जाएगा। ऐंटि सैबोटाज सेल इस पूरे इलाके में कोई बम छिपाकर रखने की आशंका को दूर करेगी। ओबामा के आने से कई दिन पहले से ही इस रास्ते की तलाशी शुरू हो जाएगी।

26 जनवरी की परेड के आसपास करीब 15 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। ओबामा के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आतंकवादी संगठनों के निशाने पर हैं। इनके पूरे रूट पर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। इसलिए जबर्दस्त इंतजाम किए जा रहे हैं। ओबामा की सुरक्षा की पहली लेयर में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंट होंगे। नरेंद्र मोदी की सिक्यॉरिटी की पहली लेयर में एसपीजी तैनात होगी। दूसरी लेयर दिल्ली पुलिस की होगी। इस लेयर में सिक्यॉरिटी यूनिट के कमांडो और खास तौर पर ट्रेंड स्वाट दस्ते होंगे। उससे बाहर लोकल थानों की पुलिस होगी। उनकी मदद के लिए पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडो होंगे। पीसीआर के दस्ते भी इसी लेयर में होंगे।

एसपीजी के जवानों के पास ब्रेटा पिस्टल होंगी। दिल्ली पुलिस के जवानों के पास एमपी 5, ग्लॉक पिस्टल और एके 47 होंगी। वहीं स्वाट टीमों के पास भारी हथियार होंगे। दिल्ली पुलिस के अलावा पंजाब पुलिस, यूपी पुलिस समेत कई राज्यों की पुलिस के स्पॉटर्स भी राजधानी बुलाए जा रहे हैं। ये स्पॉटर्स अपने-अपने राज्यों के फरार आतंकवादियों के हुलिए के बारे में खासी जानकारी रखते हैं।

राजपथ के आसपास ऊंची इमारतों पर चढ़ाए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों को दूर तक मार करने वाला कोई भारी-भरकम हथियार नहीं दिया जाएगा। इसकी वजह यह है कि ऊंची इमारत पर चढ़ा कोई सुरक्षाकर्मी कोई गंभीर समस्या खड़ी न कर पाए। उन्हें लाल झंडा, जोर से बजने वाली सीटी, वायरलेस सेट, छोटे वेपंस और दूरबीन दी जाएगी। उसे निर्देश होंगे कि वह कोई हरकत देखे तो वायरलेस सेट पर मेसेज दे और सीटी बजाते हुए लाल झंडा फहराने लगे।

जमीनी हिफाजती इंतजामों के अलावा आसमानी सुरक्षा का भी खास ख्याल रखा जा रहा है। राजपथ और उसके आसपास के पूरे आसमान पर किसी विमान के आने-जाने पर बैन होगा। एयरफोर्स के जेट इमरजेंसी उड़ान भरने के लिए एकदम तैयार हालत में खड़े रहेंगे। एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर उड़ान भरते रहेंगे। इनके अलावा इस बार कैमरा युक्त ड्रोन भी आसमान से सुरक्षा का ख्याल रखेंगे।


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