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अमेरिका के ‘पाक’ सर्टिफिकेट से खफा भारत


downloadनई दिल्ली,(एजेंसी) 6 जनवरी । भारत यह विश्वास नहीं करता है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना ने कार्रवाई करने में प्रतिबद्धता दिखाई है या उनके खिलाफ उल्लेखनीय कदम उठाए हैं या उन्हें समर्थन बंद किया है या फिर उनके गढ़ों को ध्वस्त किया है। -सैयद अकबरुद्दीन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

राष्ट्रपति बाराक ओबामा और विदेश मंत्री जॉन केरी के भारत आने के पहले पाकिस्तान को लेकर भारत-अमेरिका के बीच गहरे मतभेद उजागर हुए हैं। पाकिस्तान द्वारा लश्कर ए तैयबा के खिलाफ जरूरी कदम उठाए जाने का अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र पर भारत ने गहरी नाराजगी जाहिर की है।

यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है कि भारत यह विश्वास नहीं करता है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना ने कार्रवाई करने में प्रतिबद्धता दिखाई है या उनके खिलाफ उल्लेखनीय कदम उठाए हैं या उन्हें समर्थन बंद किया है या फिर उनके गढ़ों को ध्वस्त किया है। प्रवक्ता ने इन आतंकवादी संगठनों के नाम ले कर कहा है कि ये लश्कर ए तैयबा, जैश ए मुहम्मद, हक्कानी नेटवर्क या सम्भवत: अल कायदा हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान के विद्रोही गुटों के साथ पंजाबी, उर्दू बोलने वाले तत्वों के पता चलने से हम यह कह सकते हैं कि अफगानिस्तान में काम कर रहे विदेशी संगठनों और एजेंसियों के लिए वे खतरा पैदा करते हैं। इसमें काबुल में भारतीय दूतावास और इसके कर्मी और चारों काउंसलेट शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पाकिस्तान को करीब एक अरब डॉलर की मदद की रकम घोषित करने के पहले पाकिस्तान के बारे में कहा है कि उसने आतंकवादी गुटों को समर्थन बंद कर दिया है और उनके खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।

पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता देने के पहले अमेरिकी प्रशासन को यह प्रमाण पत्र देना होता है कि वह आतंकवादी संगठनों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी करदाताओं का धन अमेरिकी प्रशासन किस तरह खर्च करता है यह अमेरिकी प्रशासन का अधिकार है। जॉन केरी वाइब्रैंट गुजरात शिखर सम्मेलन में भाग लेने अगले सप्ताह अहमदाबाद पहुंच रहे हैं और इसके बाद पाकिस्तान के साथ सामरिक वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाएंगे। राष्ट्रपति ओबामा 24 से 26 जनवरी तक भारत दौरे पर आएंगे। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी के बयान पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा है कि सभी रूपों में आतंकवाद खराब होता है। मैं अच्छा और बुरा आतंकवाद के बारे में बहस में नहीं शामिल होऊंगा।


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