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नीतीश नाराज, जीतन मांझी की विदाई तय


पटना,(एजेंसी) 9 जनवरी । बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की विदाई लगभग तय हो चुकी है। जेडी (यू) के सूत्रों की मानें तो पार्टी नेता नीतीश कुमार, मांझी के काम करने के तरीकों को लेकर बेहद नाराज हैं। मांझी पहले से ही अपने विवादित बयानों से पार्टी को लगातार मुश्किल में डालते रहे हैं। बयानों को लेकर फिर भी हालात काबू में थे, लेकिन अब मांझी ने नीतीश कुमार के भरोसेमंद रहे आईएएस अधिकारियों को किनारे लगाकर आफत मोल ले ली है।

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जीतन राम मांझी और नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

महादलित वोट बैंक को सुरक्षित बनाए रखने के लिए मांझी के बयानों को अब तक तो बर्दाश्त किया जा रहा था लेकिन होम, बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन और रोड कंस्ट्रक्शन जैसे महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट्स में अपनी पसंद के अधिकारियों को बिठाने के बाद हालात पूरी तरह से मांझी के खिलाफ हो चुके हैं।

जेडी(यू) के एक नेता ने अपना नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया, ‘जिस तरह से मांझी ने नौकरशाही में बदलाव किया है, उससे नीतीश कुमार बहुत अधिक नाराज हैं। यह सही है कि नीतीश ने कभी भी मुख्यमंत्री के कामकाज में दखल नहीं दिया लेकिन उन्होंने जो किया है उसे यूं ही आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अलावा मांझी जेडी-यू से बाहर निकाले गए चार नेताओं के पक्ष में भी बोल चुके हैं और यह पार्टी के हितों के खिलाफ जाता है।’

सूत्रों ने कहा कि नीतीश कुमार नई दिल्ली के लिए निकल चुके हैं, जहां उनकी मुलाकात आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद और जेडी(यू) प्रेजिडेंट शरद यादव से होनी है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में मांझी की किस्मत पर फैसला होगा। मांझी को हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा, ‘इस बात पर कुछ भी कहने वाला मैं कौन होता हूं कि मुख्यमंत्री के साथ क्या होगा?’ हालांकि सच्चाई यह है कि इस बार कुमार ने मांझी का बचाव नहीं किया और इस वजह से उनके मुख्यमंत्री बने रहने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।

जेडी(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि लालू प्रसाद, नीतीश कुमार और शरद यादव की बैठक में मांझी की किस्मत का फैसला होगा। लालू प्रसाद शुरू से ही मांझी के पक्ष में नहीं रहे हैं। समझा जाता है कि वह बैठक में नीतीश कुमार पर मांझी को हटाए जाने के लिए दबाव बनाएंगे, लेकिन दूसरी तरफ जिस तरह से मांझी ने पार्टी के भीतर अपने लिए सपोर्ट बनाया है उसे देखते हुए उन्हें हटाना इतना भी आसान नहीं होगा।

जेडी(यू) से निष्कासित विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि अगर मांझी को हटाए जाने की कोशिश की जाती है तो वह बीजेपी से मांझी को समर्थन देने की अपील करेंगे।


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