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NTPC हादसा: राठी ने यूनिट में 100 लोगों के होने का किया दावा, जांच समिति एक महीने में देगी रिपोर्ट


एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) रवींद्र सिंह राठी का कहना है कि हादसे की जांच के लिए निदेशक एसके रॉय की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा, पहली नजर में हादसे की वजह भट्ठी के तलहटी से राख निकलने में बाधा आना रहा है। इससे बॉयलर व टरबाइन का प्रेशर बढ़ा और यूनिट ट्रिप हो गई।
राठी ने बृहस्पतिवार को मीडियाकर्मियों को ऊंचाहार में हुए हादसे की वजह, राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा,  प्रथमदृष्टया यूनिट में राख के निकलने की समस्या पैदा हुई। फर्नेस के नीचे से राख निकलने में बाधा आ रही थी। इसी के चलते 400 मेगावाट के लोड को घटाकर 190 मेगावाट तक लाया गया। लोड कम करने से कोयले की खपत घट जाती है।

भट्ठी की तलहटी में  राख का चिपका हुआ टुकड़ा अलग हुआ तो उससे बाधा उत्पन्न हुई और फर्नेस का प्रेशर बढ़ाना शुरू हो गया। बॉयलर व टरबाइन में हाई प्रेशर होने से यूनिट ट्रिप हो गई। इस दौरान प्रेशर बढ़ता रहा।  इसी दौरान 20 मीटर ऊपर फर्नेस के बाहरी तरफ इकोनॉमाइजर हॉपर खुल गया और  ब्रासिंग टूट गई। इससे फ्लू गैस, गरम राख और भाप निकलने लगी जिससे दुखद हादसा हुआ।

दावा : हादसे के वक्त 100 लोग ही थे यूनिट में
राठी ने कहा, 500 मेगावाट की यूनिट नंबर-6 को 30 अगस्त 2017 को कॉमर्शियल घोषित किया गया था। दो माह से इसमें विद्युत उत्पादन हो रहा था।  उन्होंने दावा किया कि बुधवार दोपहर 3.30 बजे हादसे के वक्त यूनिट में करीब 100 लोग थे। बॉयलर के आसपास काम करने वाले इसकी चपेट में आए। जिला प्रशासन की मदद से आसपास के डाक्टरों को बुलाकर फर्स्ट एड देकर घायलों को रायबरेली, लखनऊ और इलाहाबाद भेजा गया। एनटीपीसी के चेयरमैन व एमडी समेत सभी अधिकारी बुधवार को ही रायबरेली पहुंच गए थे। उन्हीं की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चला।

आज भी कुछ घायलों को दिल्ली भेजा जाएगा

राठी ने कहा, बृहस्पतिवार को पांच झुलसे लोगों को लखनऊ से दिल्ली के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया है।  शुक्रवार को डॉक्टरों की सलाह से एयर एंबुलेंस से कुछ और घायलों को दिल्ली भेजा जाएगा। ऊर्जा सचिव ने रक्षा सचिव को पत्र लिखकर घायलों को दिल्ली भेजने के लिए कुछ एयरक्राफ्ट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इस समय 43 घायलों का इलाज लखनऊ और 7 का रायबरेली चल रहा है। मामूली रूप से घायल कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

सभी घायलों के इलाज का खर्च एनटीपीसी उठाएगी
एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तरी) ने बताया कि हर मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये, गंभीर से घायल लोगों को 10 लाख तथा मामूली घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। अन्य घोषित क्षतिपूर्ति राशि से वर्कमैन कंपेनसेशन के तहत हर मृतक के परिवार को 8 लाख रुपये अलग से दिए जाएंगे। सभी घायलों के पूरे इलाज का खर्च एनटीपीसी उठाएगी।

महाप्रबंधक ने कहा-बॉयलर के हॉपर में क्लिंकर फंसने से हुआ हादसा
एनटीपीसी ऊंचाहार के महाप्रबंधक आरके सिन्हा ने रात में पत्रकारों से बातचीत में कहा, बॉयलर के हॉपर में क्लिंकर फंसा जिससे दबाव बढ़ने के साथ ब्लास्ट हुआ और हादसा हो गया। उन्होंने कहा, बॉयलर में लगभग एक हजार डिग्री सेल्सियस तापमान रहता है। हालांकि खराबी के बाद जहां से राख गिरी वहां भी तापमान 250 डिग्री के आसपास रहता है। इसलिए श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी।

जांच रिपोर्ट के बाद उठाएंगे जरूरी कदम

राठी ने कहा कि निदेशक एके रॉय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति में एनटीपीसी साउथ जोन के एक स्पेशलिस्ट तथा एक इंजीनियरिंग सेक्शन के एक्सपर्ट शामिल रहेंगे। वे एक माह में रिपोर्ट देंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने इस तरह की बातों को गलत बताया कि यूनिट-6 के प्रोजेक्ट को समय से पहले शुरू कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को 42 माह में पूरा होना था लेकिन इससे ज्यादा वक्त लगा है। इसे एनआरएलडीसी के प्रोटोकॉल पूरा होने और श्रम विभाग के प्रमाणपत्र के बाद शुरू किया गया था।

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