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पाक के पूर्व PM नवाज शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में सुनवाई स्थगित


इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ पनामा दस्तावेज प्रकरण में मुकदमे की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। शरीफ (67) अपनी बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद सफदर के साथ इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत में पेश हुए।

शरीफ और उनके परिवार के कुछ सदस्य लंदन में संपत्तियों के स्वामित्व से संबंधित आरोपों का सामना कर रहे हैं। अघोषित आय को लेकर देश के सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रधानमंत्री पद से अयोग्य करार दिए जाने के बाद शरीफ ने जुलाई में पद से इस्तीफा दे दिया था।

राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने आठ सितंबर को अदालत में शरीफ, उनके बच्चों और दामाद के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए थे। जवाबदेही अदालत ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर विचार किया जिसने गत सप्ताह निचली अदालत के न्यायाधीश को शरीफ की उस याचिका पर फिर से सुनवाई करने के आदेश दिए थे जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ सभी तीन मामलों में एक साथ सुनवाई की जाए।

सुनवाई के दौरान शरीफ के वकील ख्वाजा हैरिस ने दलील दी कि, क्योंकि यह तीनों मामले अघोषित आय से जुड़े हुए हैं और ज्यादातर में प्रत्यक्षदर्शी वहीं हैं तो इन्हें एक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। वहीं एनएबी के वकील सरदार मुजफ्फर अब्बासी ने तीनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई करने की अपील की।

अदालत के एक अधिकारी के मुताबिक दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद, न्यायाधीश ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया जिसे वह कल सुना सकते हैं। शरीफ और उनकी बेटी व दामाद को कल फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत में मौजूद रहने को कहा गया है।

निचली अदालत ने 19 अक्तूबर को शरीफ की याचिका खारिज कर दी थी। इस फैसले को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई जिसने इसे जवाबदेही अदालत के पास भेजते हुए इस पर फिर से सुनवाई का आदेश दिया।

अदालत ने तीन नवंबर को पिछली सुनवाई के दौरान इस आवेदन पर संक्षिप्त विचार किया था। शरीफ पर भ्रष्टाचार के तीन मामलों में उनकी अनुपस्थिति में अभियोग लगाया गया। मरियम और सफदर पर उनके साथ एक मामले में अभियोग लगाया गया जबकि अदालत उनके दो बेटों हुसैन और हसन पर अलग से मुकदमा चला रही है जो तीनों मामलों में सह-आरोपी हैं।

ये मामले 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस फैसले पर आधारित हैं जिनमें शरीफ को अयोग्य घोषित किया गया था। साथ ही कोर्ट ने शरीफ, उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले तथा वित्त मंत्री इसहाक डार के खिलाफ एक मामला दर्ज करने का आदेश भी दिया था। 

देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार और सत्तारूढ़ पीएमएल-एन पार्टी का नेतृत्व करने वाले शरीफ का राजनीतिक भविष्य तब से अधर में लटका हुआ है। दोषी पाए जाने पर उन्हें जेल हो सकती है। शरीफ के परिवार ने आरोप लगाया कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं। 

 

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