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स्मोकिंग ही नहीं, इन कारणों से भी होता है लंग कैसर


अगर किसी व्यक्ति को अक्सर खांसी रहती है जो लाख घरेलू उपचारों से ठीक होने का नाम हीं नहीं ले रही हो या साधारण डॉक्टर की दवाइयां भी जिसपर बेअसर हों तो उस व्यक्ति को किसी विशेषज्ञ से दिखलाना चाहिए क्योकि यह किसी गंभीर बीमारी या कैंसर होने  का लक्षण हो सकता है। 

फेफड़ों में जब ट्यूमर फैल जाते हैं तब सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और घुटन होने लगती है। घुटन जैसा महसूस होना फेफड़ों का कैंसर होने का लक्षण हो सकता है। अधिकतर लोग स्मोंकिग को ही लंग कैसर का कारण मानते है लेकिन स्मोकिंग न करने वाले लोग भी लंग कैंसर जैसी खरतनाक बीमारियों की चपेट में आ रहें है। 

• घरों और दुकानों की छतों में इस्तेमाल होने वाला यह फाइबर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करके कैंसर का कारण बनता है।

• फेफड़ों के लाइलाज रोगों में से एक लंग फाइब्रोसिस बीमारी से ग्रस्त लोगों को लंग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है।

• कोयले, आर्सेनिक या न्यूज पेपर प्रिंटिंग में काम करवाले लोगों को भी लंग कैंसर का खतरा हो सकता है। ऐसे कारखाने में सावधानी के साथ काम करने साथ समय-समय पर चैकअप भी करवाते रहना चाहिए।

• धूल, धुआं, गर्द और प्रदूषित वातावरण के कारण होने वाली इस बीमारी से ग्रस्त लोगों में लंग कैंसर का खतरा बढ़ा जाता है। इस बीमारी के होने पर आपको हमेशा प्रदूषण से दूर रहना चाहिए।

• परिवार के किसी एक सदस्य में यह बीमारी होने पर सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि यह बीमारी एक सदस्य से दूसरे सदस्य को हो सकती है।


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