Sunday , 16 December 2018
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मुद्दा यह है कि

खटारा वाहनों को नोटिस देने से नहीं बनी बात, अब चलेगा अभियान, जानिए कब

 टीटीजेड के दायरे में आने के बाद ताजनगरी से 15 साल पुराने वाहन हटाने की कागजी कवायद फेल होती जा रही है। बार-बार नोटिस के बाद भी वाहन हट नहीं पा रहे हैं। अब सीधे कार्रवाई की तैयारी है। पेट्रोल, डीजल से लेकर सीएनजी और एलजीपी के 15 साल पुराने चार पहिया व व्यावसायिक वाहनों को शहर से हटाने के लिए लंबे समय से नोटिस दी जा रही है। बीते पांच माह में ही करीब 47 हजार वाहनों को नोटिस दिए गए। इन वाहनों के लिए दो रास्ते दिए गए हैं, या तो वह सरेंडर करें या फिर यहां से एनओसी जारी कराकर दूसरे जिलों में ले जाएं। नोटिस जारी करने के बाद भी वाहन स्वामी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अब इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। 20 व 21 दिसंबर को दो दिन का पूरे जिले में एक साथ सड़क पर अभियान चलेगा। 15 साल पुराना जो भी वाहन मिलेगा, वह जब्त कर लिया जाएगा। सरेंडर करने या फिर दूसरे जिले के लिए एनओसी लेने पर ही वाहन को मुक्त किया जाएगा। अभियान की परिवहन विभाग ने तैयारी ... Read More »

बस्तर के जंगलों से विलुप्त हो रहा जलेबी को रंग देने वाला यह पौधा

15 साल पहले छत्तीसगढ़ के बस्तर में जोर शोर से शुरू की गई जलेबी रंग बनाने की योजना पर पानी फिर गया है। बिलोरी के जिस 15 हेक्टेयर वन भूमि में सिन्दूरी के हजारों पौधे रोपे गए थे, उन्हे जलाऊ के लिए काट दिया गया है। इधर बस्तर के जिन गांवों में सिन्दूरी की लाखों झाड़ियां थीं और ग्रामीण इसके बीज को 75 रुपये प्रति किग्रा की दर से बेचा करते थे, वहां भी यह लगभग समाप्त हो गई है। इन सब के चलते सिन्दूरी बस्तर में लुप्तप्राय: वनस्पति की श्रेणी में आ गई है। इस बात की जानकारी वन विभाग को भी है, बावजूद इसके पौधरोपण की सूची से भी सिन्दूरी गायब हो चुकी है। क्या है सिंदूरी सिंदूरी एक झाड़ीदार पौधा है। इसकी ऊंचाई 20 फीट तक होती है। इसे अंग्रेजी में अनाटो कहा जाता है बस्तर और सीमावर्ती राज्य ओडिशा के ग्रामीण इसे झापरा कहते हैं। इसके बीज से ही सिंदूर, खाने का जलेबी रंग बनाया जाता है। रंग निकालने के बाद बीजों का उपयोग कुक्कुट दाना बनाने में होता है। इसकी पत्ती और छाल से बुखार उतारने ... Read More »

इस रिपोर्ट को पढ़कर चौंक जाएंगे आप, इस लाइलाज बीमारी पर वैज्ञानिक चिंतित

वैज्ञानिकों ने विश्‍व का एक ऐसा नक्शा तैयार किया है, जिसमें डिमेंशिया नामक बीमारी काे वैश्विक परिदृष्‍य के रूप में दिखाया गया है। इस मानचित्र में डिमेंशिया के बढ़ते फैलाव को दिखाया गया है। दरअसल, डिमेंशिया मस्तिष्‍क के डिसऑर्डर से जुड़ी एक बीमारी है। इससे पी‍ड़‍ित व्‍यक्ति की याददाश्त चली जाती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 2016 में वैश्विक स्तर पर बुजुर्गों की मौत का पांचवां प्रमुख कारण डिमेंशिया बीमारी ही है। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्यक्ष या अप्रत्‍यक्ष करीब 24 लाख लोगों की मौत का संबंध डिमेंशिया बीमारी से है। 2050 में मरीजों की संख्‍या होगी दोगुनीइस शोध के नतीजे यह बताते हैं कि 1990 में दुनियाभर में करीब दो करोड़ बीस लाख मरीज थे, लेकिन 2016 में पी‍ड़‍ितों की संख्‍या बढ़कर चार करोड़ 38 लाख हो गई। इस तरह से 16 वर्षों में मरीजों की संख्‍या में 117 फीसद की बढोतरी हुई। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2050 तक यह संख्‍या दस करोड़ के पार कर जाएगी। यानी डिमेंशिया के मरीजों में दोगुना से ज्‍यादा का इजाफा होगा। सर्वाधिक पीड़‍ित देश तुर्की और ब्राजील2016 के आंकड़ों पर ... Read More »

संसद सत्र की शुरुआत हंगामा और नारेबाजी से होना अब नियति सी बन गई है

संसद के प्रत्येक सत्र की शुरुआत हल्ले-हंगामे से होना अब उसकी नियति सी बन गई है। एक परंपरा के तहत संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी गई, लेकिन दूसरे दिन दोनों सदनों में जो कुछ हुआ वह भी एक अलिखित परंपरा की तरह से हुआ। यह परंपरा है हंगामा और नारेबाजी करके सदन को न चलने देने की। हाल के समय में संसद सत्र के ऐसे शुरुआती दिनों का स्मरण करना कठिन है जब वहां हंगामे और नारेबाजी के बजाय कोई सार्थक बहस हुई हो अथवा तय विधायी कामकाज अपेक्षित गरिमा के साथ हुआ हो। चूंकि संसद सत्रों की शुरुआत हंगामे से ही होने लगी है इसलिए विधानसभाओं में भी ऐसा ही होता है। किसी-किसी विधानसभा में तो शुरुआती दिन अनिवार्य तौर पर पोस्टर-बैनर के साथ नारेबाजी होती है। दुर्भाग्य यह है कि ऐसे ही नजारे अब संसद में भी दिखने लगे हैैं। कई संसद सदस्य बहस के लिए तैयारी करने से अधिक ध्यान किस्म-किस्म के नारे लिखी तख्तियां बनाने पर देने लगे हैैं। ... Read More »

मतदाताओं की नाराजगी को न समझ पाने का नतीजा भाजपा को भुगतना ही पड़ेगा

विधानसभा चुनावों में मतदान कई कारकों पर निर्भर करता है जिसमें शीर्ष नेता एक कारक हो सकता है, केवल वही निर्णायक नहीं हो सकता। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच अधिकांश सीटों पर सीधा मुकाबला था वहां मुख्यमंत्री पहले से मौजूद थे। इसलिए यह केवल एक नेता की लोकप्रियता का सर्वेक्षण भर नहीं था। बावजूद इसके यह भी नहीं माना जा सकता कि इन चुनावों से मोदी सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के लिए संदेश नहीं है। यह कहना आसान है कि जब आप केंद्र और प्रदेश दोनों की सत्ता में हैं तो सत्ता विरोधी रुझान स्वाभाविक होता है, किंतु ऐसा क्यों होता है? जब आप अच्छा शासन देंगे, जनता के हितों का ध्यान रखेंगे, कानून और व्यवस्था कायम रखेंगे, अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखेंगे तो सत्ता विरोधी रुझान हो ही नहीं सकता। यही बात राजस्थान पर लागू होती है। यदि परिणाम भाजपा के अनुकूल नहीं हैं तो इन सभी पहलुओं में किसी की या कुछ की अनदेखी हुई है। चुनाव परिणामों का विश्लेषण करते समय हम बड़ी बातों पर ... Read More »

फलों में बहुत सारे पौष्टिक तत्‍व होते हैं जो शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाते हैं

फलों में बहुत सारे पौष्टिक तत्‍व होते हैं जो शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाते हैं, लेकिन अन्य खाद्य पदार्थों की ही तरह फलों का भी पूरा लाभ लेने के लिए इन्हें सही समय पर खाना बेहद जरूरी होता है लेकिन क्‍या आपको पता है कि कौन सा फल कब खाना और इनके खाने का उचित समय क्‍या है? फलों को कब और कैसे खाएं स्वास्थ्य के लिए फलों को सर्वोत्तम आहार माना जाता है। लगभग हर फल में प्रोटीन, विटामिन, एंटीऑक्‍सीडेंट, फाइबर जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। इसलिए शरीर को स्‍वस्‍थ और पोषण देने के लिए हमें अपने नियमित आहार में फलों को शामिल करना चाहिए। लेकिन ज्‍यादातर लोगों को फल खाने का सही तरीका मालूम नहीं होता। अक्‍सर लोग खाने के तुरंत बाद मिठाई के रूप में इसका सेवन करना पसंद करते हैं, जो गलत है। फलों को गलत समय पर खाने से होने वाले लाभ की जगह, शरीर में अपच, एसिडिटी और कब्‍ज जैसी पेट की समस्‍याएं होने लगती हैं। इसलिए हमें फलों को सही समय और सही तरीके से ही खाना चाहिए। अमरूदअमरूद का सेवन करना ... Read More »

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे दिया

आरबीआई के गर्वनर पद से सोमवार शाम को उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद सरकार मंगलवार शाम तक केंद्रीय बैंक के नए गवर्नर के नाम की घोषणा कर सकती है. वित्त सचिव अजय नारायण झा ने इस बारे में जानकारी दी. गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद पटेल ने कहा यह मेरा सौभाग्य रहा कि कई साल तक मुझे आरबीआई में विभिन्न पदों पर काम करने का मौका मिला. निदेशक मंडल की बैठक से 4 दिन पहले आया इस्तीफाउर्जित पटेल 1990 के बाद पहले ऐसे आरबीआई गवर्नर हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया है. पटेल का इस्तीफा आरबीआई के निदेशक मंडल की अहम बैठक से मात्र 4 दिन पहले आया है. गौरतलब है कि पटेल और सरकार के बीच आरबीआई की स्वायत्ता को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव बना हुआ था. माना जा रहा है कि निदेशक मंडल की बैठक को टाला जा सकता है क्योंकि फिलहाल कोई नियमित गवर्नर नहीं है. सरकार की तरफ से शाम तक ... Read More »

आखिर वेनेसा ने ऐसा क्‍या दिया जवाब जिसकी बदौलत जीत लिया मिस वर्ल्‍ड का खिताब

चीन के सान्‍या शहर में 8 दिसंबर की रात मेक्सिको वेनेसा पोंसे डि लियोन मिस वर्ल्‍ड का ताज पहनाया गया। यह पल जाहिरतौर पर न सिर्फ वेनेसा के लिए बल्कि पूरे मेक्सिको के लिए बेहद खास था। खास इसलिए क्‍योंकि वेनेसा ये खिताब जीतने वाली मेक्सिको की पहली महिला हैं। मिस वर्ल्ड 2018 के टॉप फाइव में मिस मेक्सिको वेनेसा पोंसे डि लियोन के अलावा मिस थाईलैंड निकोलीन पिचापा लिमनकन, मिस यूगांडा क्विन अब्नेक्यो, मिस जमैका कदिजा रोबिनसन और मिस बेलारूस मारिया वसिलविच शामिल थीं। 26 वर्षीय वेनेसा को मिस वर्ल्‍ड का ताज भारत की मानुषी छिल्‍लर ने पहनाया जिन्‍होंने यह खिताब पिछले वर्ष जीता था। मानुषी छिल्लर ने 17 साल के अंतराल के बाद भारत को 2017 का मिस वर्ल्ड खिताब दिलवाया था। जहां तक भारत की बात है तो इस बार इस खिताब के लिए सान्‍या में मिस इंडिया 2018 अनुक्रीति वास ने हिस्‍सा लिया था। लेकिन टॉप 30 तक पहुंचने के बाद उनका सफर थम गया। लेकिन इस बात को हर कोई जानता है। जो नहीं जानता वो ये कि आखिर किस जवाब की वजह से वेनेसा ... Read More »

अब टीटीई बताएगा आपका टिकट कंफर्म हो गया है

अगर आपका टिकट वेटिंग में है तो इसके लिए अब आपको सीट मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। टीटीई ट्रेन के अंदर ही आपको सीट मुहैया कराएगा। पहले चरण में पांच शताब्दी और दो राजधानी ट्रेनों में इस तकनीक को शुरू कर दिया गया है। टीटीई को हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन दी गईं हैं। यह टर्मिनल सीधे रेलवे के सर्वर से जुड़ा होगा। इसमें मेरठ से गुजरने वाली दिल्ली-देहरादून शताब्दी को भी शामिल किया गया है। वेटिंग वालों को मिलेगा फायदा इस हैंड हेल्ड टर्मिनल का सबसे ज्यादा फायदा वेटिंग टिकट वालों को मिलेगा। यदि कोई भी सीट खाली हुई तो वहां प्रतीक्षारत यात्री को सीट आवंटित कर दी जाएगी। दिल्ली मंडल में 180 हैंड हेल्ड मशीन दी गई है। इसके अलावा आरक्षण चार्ट से यात्री सीट की जांच करने से भी टीटीई को छुटकारा मिल गया है। अब इस टर्मिनल के माध्यम से ही आरक्षण की जांच कर ली जाएगी। ये होगा फायदा ट्रेन रवाना होने के बाद यदि कोई भी टिकट रद होता हो तो टीटीई को टर्मिनल के माध्यम से पता चल जाएगा। सर्वर से कनेक्ट होने के चलते टर्मिनल तुरंत ... Read More »

बार-बार क्यों थम रहे हैं दिल्ली मेट्रो के पहिए? विदेशी कंपनी जल्द करेगी अहम खुलासा

पिछले एक साल के दौरानदिल्ली मेट्रो अलग-अलग रूट्स पर सिग्नल में आई तकनीकी खामी से ट्रेनों की आवाजाही के कई घंटों तक बाधित होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इससे जहां दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की साख पर बट्टा लग रहा है, वहीं इसकी विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार दो दिन तक मेट्रो के रुक-रुक कर चलने से सकते में आया DMRC भी अब इस मुद्दे पर गंभीर हो गया है। DMRC ने ब्लू लाइन के सिग्नल सिस्टम का सॉफ्टवेयर तैयार व रखरखाव करने वाली जर्मनी की कंपनी सीमेंस को डेटा भेजा है। डीएमआरसी ने सॉफ्टवेयर को ठीक करने के लिए कहा है। वहां के विशेषज्ञ जर्मनी में बैठकर मेट्रो के सिग्नल सिस्टम के सॉफ्टवेयर को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। DMRC के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेश) अनुल दयाल की मानें तो इंटरलॉकिंग और सिग्नलिंग की परेशानी का संबंध सॉफ्टवेयर से संबंधित लग रहा है। वहीं, सिग्नलिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी सिमेंस ने इंटरलॉकिंग को लेकर आ रही समस्या के समाधान के मद्देनजर सारा डाटा अध्ययन के लिए सिमेंस कंपनी ... Read More »

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