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मुद्दा यह है कि

लोहरदगा में पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन के पांच नक्सलियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

लोहरदगा में पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन के पांच नक्सलियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। नक्सलियों की गिरफ्तारी लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के तोड़ार आम बगीचा के समीप 12 जून की रात फुलझर नहर निर्माण योजना में लेवी के खातिर उत्पात मचाने के मामले में हुई है। इसकी पुष्टि एसपी प्रियंका मीणा ने की है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त घटना के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आने पर त्वरित कार्रवाई में पीएलएफआइ के पांच नक्सली पकड़े गए। इसके बाद सभी से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है। एसपी ने कहा है कि फिलहाल पूछताछ चल रही है। जैसे ही इन लोगों से पूछताछ पूरी होगी, पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस गिरफ्त में आए पांचों नक्सलियों का संबंध पीएलएफआइ नक्सली संगठन से है। इसमें 3 के पास से घटना में शामिल होने की पुलिस को पुख्ता जानकारी भी मिल चुकी है। दो अन्य लोगों से उनकी संलिप्तता को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। बहरहाल विगत 12 जून की रात नक्सलियों ने लेवी के लिए फुलझर नहर निर्माण योजना स्थल पर पहुंचकर 11 करोड़ 16 …

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CM योगी ने कनिका कपूर के खिलाफ उठाया सख्त कदम…

बॉलीवुड की गायिका कनिका कपूर के कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद अब उनकेे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।सीएमओ आईपीसी की धारा आईपीसी 188 (महामारी कानून) 269 (ऐसा काम जिससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका हो) और 270 (जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का फैलाना) तहत लखनऊ के सरोजिनी नगर थाने में कनिका पर केस दर्ज हुआ है। कनिका को लखनऊ के केजीएमयू के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सिंगर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी। कनिका ने बताया कि आखिरी चार दिनों के बीच में उन्हें फ्लू के लक्षण समझ आए और जब उन्होंने इसकी जांच करवाई तो कोविड 19 पॉजिटिव पाई गईं। वो 15 मार्च को लंदन से वापस भारत लौटी थीं। कनिका तीन-चार पार्टी में भी शामिल हुई थीं। डॉक्टर्स पर लगाए आरोप अस्पताल पहुंचते ही कनिका ने डॉक्टर्स पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कनिका ने कहा था कि उन्हें एक अकेले कमरे में रखा गया है जहां खाने-पीने को कुछ नहीं है। डॉक्टर्स उनकी मदद करने की बजाए उन्हें डांट लगा रहे हैं …

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मासूम बच्चे बीमारी नहीं बल्कि दवा के नाम पर दिए जहर की वजह से गए मौत के मुंह में

 दवा ही जहर बन जाए तो सोचना पड़ता है कि इस जहर से मरा क्या- क्या है। जम्मू-कश्मीर के 12 मासूम बच्चे इसलिए मौत के मुंह में नहीं चले गए कि वे बीमार थे। इसलिए, क्योंकि उन्हें दवा में मीठा जहर दिया गया। दवा बनाने वाली कंपनी हिमाचल प्रदेश से है। सिरमौर के कालाअंब में यह दवा बनती थी। विज्ञान से जुड़े साहित्य खासतौर पर गद्य में मीठे जहर का जिक्र आता है। किसी को चुपचाप मारने का यह माध्यम होता है। उस मीठे जहर को डाई एथेलीन ग्लाइकोल कहा जाता है। कालाअंब की कंपनी डिजिटल इंडिया की पीने वाली दवा कोल्डबेस्ट में यही डाला गया था। बेशक, इसमें प्रोपेलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल होना था। प्रोपेलीन की खूबी यह है कि इसे आमतौर पर खाने में सुरक्षित समझा जाता है। इसका काम है दवा का अतिरिक्त पानी सोख लेना, लेकिन दवा में नमी बरकरार रखना। लेकिन जहर ही सही, मीठा था, इसलिए उचित कच्चा माल मिला या नहीं, यह सोचने का वक्त किसी के पास नहीं था। ऑर्डर आया होगा कि इतना माल चाहिए और दवा की जगह जहर बना …

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इंजीनियरिंग की डिग्री धारकों ने पार्किंग अटेंडेंट की जॉब के लिए किया अप्लाई , 10वीं पास करने वाले को …

देश में बेरोजगारी की स्थिति क्या है। इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि चेन्नई में इंजीनियरिंग की डिग्री धारकों ने पार्किंग अटेंडेंट की जॉब के लिए अप्लाई किया है। ये पढ़कर भले आपको यकीन नहीं हो रहा हो। लेकिन हकीकत तो यही है। यहां के 1400 हाईली क्वालिफाईड इंजीनियर युवा ने पार्किंग अटेंडेंट की जॉब के लिए आवेदन दिया है, जबकि इस पोस्ट के लिए शैक्षिक योगग्‍यता SSLC (सेकेंडरी स्‍कूल लीविंग सर्टिफिकेट ) मांगी गई थी। SSLC सर्टिफिकेट 10वीं पास करने पर मिलता है। द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्‍नई में 1400 उम्‍मीदवारों ने पार्किंग अटेंडेंट की जॉब के लिए आवेदन किया था। इन उम्‍मीदवारों में 70 फीसदी से ज्‍यादा लोग ऐसे थे, जिन्‍होंने ग्रेजुएशन किया है और 50 फीसदी से ज्‍यादा के पास इजीनियरिंग की डिग्री है। इस बारे में एक उम्‍मीदवार ने अखबार से बात करते हुए कहा, मैंने सिविल इंजीनियरिंग की है। लेकिन रियल एस्‍टेट इंडस्‍ट्री की खराब हालत होने की वजह से मेरे पास नौकरी नहीं है। वहीं इस बारे में पार्किंग मैनजमेंट सिस्टम के मैनेजर ने बताया कि इस पोस्ट के …

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किसी गैर गांधी को पार्टी की कमान सौंपने से क्या, कांग्रेस पार्टी संकट से बाहर निकाल सकती है?

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने कांग्रेस को संकट से बाहर निकालने के लिए किसी गैर गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की मांग की है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस बात की कोई संभावना है? मान लीजिए, ऐसा हो भी जाता है तो कांग्रेस के इतिहास को देखते हुए क्या इस बात की संभावना नहीं है कि घूम-फिर कर कमान गांधी परिवार के पास ही वापस आएगी? कुछ बोल रहे हैं, कुछ चुप वरिष्ठ पत्रकार और जनसत्ता मुंबई के पूर्व संपादक प्रदीप सिंह कहते हैं कि संदीप दीक्षित यह सवाल उठाने वाले पहले नेता नहीं है। धीरे-धीरे कई लोग इस तरह की बात कर रहे हैं। कोई बोल रहा है, तो कोई चुप है। दीक्षित से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और मनीष तिवारी जैसे युवा नेता पार्टी को उबारने के लिए कांग्रेस की लीडरशिप में बदलाव का सुझाव दे चुके हैं। पार्टी के कई नेता सीधे नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि उन्हें बाहर किए जाने का खतरा है। राहुल गांधी को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद लोग तैयार थे कि …

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कचरा निपटाने के प्रति जागरूकता का अभाव, न तो आम जनता इसके प्रति गंभीर है और न ही नगर निगम

अपनी आंखें बंद कर एक बार जरा घर के डस्टबिन को याद करें तो सब्जियों के छिलके से लेकर प्लास्टिक की बोतलें, शैंपू की खाली बोतलें, बचा खाना, कांच के टुकड़े… सब कुछ एक ही डस्टबिन के अंदर नजर आएगा। मतलब सूखा और गीला कूड़ा का सारा कांसेप्ट प्रारंभिक स्तर पर ही फेल, जबकि जगह-जगह होर्डिंग और पोस्टर लगाकर लोगों को सूखा और गीला कूड़ा अलग करने का संदेश दिया गया। चौक-चौराहों पर हरे और नीले रंग के डस्टबिन भी लगाए गए, लेकिन नतीजा… सिफर। न तो लोगो की मानसिकता बदली न ही व्यवस्था में सुधार हुआ। आज भी गली के मुहाने पर कूड़े का अंबार, सड़कों पर बिखरा कूड़ा, शौचालयों की बदहाल स्थिति, गलियों में ओवरफ्लो नाले का पानी जैसी तस्वीर आम है। कितनी ही सरकारें आईं और गईं, पर दिल्ली स्वच्छ न हो सकी। एनसीआर की तस्वीर भी कुछ ऐसी ही है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पूर्व अपने घोषणा पत्र में कहा है कि वह दिल्ली को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए निगमों से इतर अपने स्तर पर भी काम करेगी। लेकिन, सवाल यह है …

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जांच में देरी की वजह से भ्रष्‍टाचार की फाइलें दबीं, अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का मामला

अवैध तरीके से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में रांची के जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को अब तक प्रारंभिक जांच (पीई) की अनुमति नहीं मिली है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को अनुमति के लिए पत्र लिखा था। दो बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद यह स्थिति है। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने तर्क दिया कि उन्हें अब तक मनोज कुमार के पैतृक विभाग कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से मंतव्य नहीं मिला है। विशेषज्ञों की मानें तो पीई की अनुमति के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग खुद सक्षम है। ऐसे में आरोपित के पैतृक विभाग से ही मंतव्य मांगना उचित नहीं है। रांची के जिला सहकारिता पदाधिकारी के खिलाफ लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय के यहां शिकायत पहुंची थी। लोकायुक्त ने ही एसीबी को पीई दर्ज कर अनुसंधान का निर्देश दिया था। अब तक पीई दर्ज नहीं होने से यह मामला लंबित है। पीई के लिए क्या है भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का संकल्प  जनप्रतिनिधि : मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री का अनुमोदन। …

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मुस्लिम लड़की का बयान, कहा बदमाशों द्वारा उन्हें बुर्का पहनने के लिए किया जा रहा मजबूर

 उत्तर प्रदेश में मुस्लिम कॉलेज की छात्राओं ने पुलिस को शिकायत कर कहा है कि उन्हें बुर्का (Burqa) नहीं पहनने को लेकर परेशान किया जा रहा है. बुलंदशहर (Bulandshahar) जिले के खुर्जा की कॉलेज छात्राओं ने सोमवार को सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ईशा प्रिया से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि बदमाशों द्वारा उन्हें बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उनका उत्पीड़न हो रहा है. शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) के साथ एसडीएम ईशा प्रिया छात्राओं के इलाके में पहुंचीं और स्थानीय निवासियों के साथ बैठक की. अधिकारियों ने इलाके के लोगों को चेताया कि कॉलेज की छात्राओं को परेशान करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. एसडीएम ने स्थानीय लोगों से की बात एसडीएम ईशा प्रिया ने कहा, “सराय मुर्तजा कॉलोनी में कुछ बदमाश लड़कियों को परेशान कर रहे थे और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कह रहे थे. लड़कियों ने हमें बताया कि जब उनके परिवारों को बिना बुर्का के कॉलेज भेजने में कोई समस्या नहीं थी, तो ये लोग इस मामले पर …

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सऊदी अरब में पग-पग ठगी गई की युवती, मसीहा बनी हरनेक रंधावा की हेल्पलाइन

पंजाब के तरनतारन की एक युवती विदेश जाने की चाहत में बुरी तरह फंस गई। सऊदी अरब के हफुफ शहर में 24 साल की यह युवती एक बार नहीं बार-बार ठगी गई। उसे पहले ट्रेवल एजेंट ने सिंगापुर की बजाय सऊदी अरब भेज दिया और वहां पहुंच कर उसका जीवन नरक बन गया। वहां एक महिला ही उसकी दुश्मन बन गई। हर तरीके से उसका शोषण हुआ। महिला के स्वजनों ने उसकी जिंदगी बदतर बना दी। इसके बाद हरनेक हेल्पलाइन उसके लिए मसीहा बनी और उसे दरिंदों के चंगुल से निकालकर रियाद स्थित भारतीय दूतावास में पहुंचाया। भारतीय दूतावास में सुरक्षित पहुंचाया, सिंगापुर की बजाय भेज दिया था सऊदी अरब बता दें कि हरनेक रंधावा मूल रूप से यमुनानगर के गांव थाना छप्पर के निवासी हैं। वह लंबे समय से कनाडा में रहते हैं। वे विदेश में रहते हुए हेल्पलाइन के माध्यम से भारतीयों की मदद करते हैं। हरनेक रंधावा के अनुसार पीडि़त युवती ने बताया कि वह सिंगापुर में नौकरी के लिए जाना चाहती थी। युवती ने इसके लिए ट्रेवल एजेंट से संपर्क किया। एजेंट ने उसे सुरक्षित विदेश …

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दिलीप घोष का विपक्ष पर बयान कहा- विदेशी फंड से खरीदी गई बिरयानी परोसी जाती है

दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पिछले दो महीने से ज्यादा दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शन अब एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसे लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी भी हो रही है। इसी बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों को विदेशों से फंडिंग की जा रही है। घोष के इस बयान ने विवाद पैदा कर दिया है। दिलीप घोष ने शनिवार को कहा था कि दिल्ली के शाहीन बाग और कोलकाता के पार्क सर्कस में अशिक्षित महिला एवं पुरुष प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें विदेशी फंड से खरीदी गई बिरयानी परोसी जाती है और पैसे दिए जाते हैं। घोष ने यहां पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि गरीब एवं अशिक्षित महिला और पुरुष सड़कों पर धरना देने के लिए बैठे हुए हैं । उन्हें बिरयानी खिलाई जा रही है जो विदेशों से आए पैसे से खरीदी जा रही है। भाजपा सांसद ने कहा कि चाहे वह दिल्ली का शाहीन बाग हो या कोलकाता का पार्क सर्कस, हर जगह एक ही स्थिति है। बृंदा करात और पी …

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